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अब निजी अस्पतालों में शुरू हुई बेड के साथ आक्सीजन की किल्लत

Thu, 22 Apr 2021 11:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Apr 2021 11:19 PM IST
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Now beds and oxygen shortage in private hospitals
मऊ। कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। खपत की तुलना में आक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। स्थिति यह है कि शहर के कुछ बड़े निजी अस्पतालों में भी आक्सीजन का स्टॉक नहीं बचा है। निजी अस्पताल के संचालकों ने आक्सीजन की आपूर्ति की मांग प्रशासन से की है।
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नगर के तीन बड़े निजी अस्पतालों में नए मरीजों के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। वहीं भर्ती मरीजों के आक्सीजन के प्रयोग के चलते आक्सीजन की खपत तीन गुना बढ़ चुकी है। परिणाम यह है कि इन अस्पतालों में भी आक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमितों के साथ ही नॉन कोविड मरीज भी परेशान हैं। नगर के दो बड़े अस्पतालों में आक्सीजन का खुद का प्लांट है लेकिन खपत बढ़ने से प्लांट से आपूर्ति होने वाला आक्सीजन नाकाफी साबित हो रहा है। अब कोरोना संक्रमण की वजह से प्लांट पर बोझ बढ़ गया है। ऐसे में इनके द्वारा बाहर से सिलिंडरों से भी कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन दी जा रही है। ऐसी ही स्थिति नगर के निजी अस्पताल शारदा नारायण की है। इस अस्पताल को प्रशासन ने कोविड अस्पताल के रूप में अधिग्रहित किया है। अस्पताल प्रबंधन ने आक्सीजन की कमी की सूचना प्रशासन को दी है।
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प्रतिदिन 36 सौ क्यूविक मीटर उत्पादित होता है आक्सीजन
मऊ। नगर स्थित एकमात्र आक्सीजन प्लांट से जिले भर में आक्सीजन की आपूर्ति होती है। औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद राज आक्सीजन प्लांट की प्रतिदिन उत्पादन क्षमता 36 सौ क्यूविक मीटर है, जबकि डाक्टर से बात करने पर पता चला कि एक मरीज को यदि 24 घंटे आक्सीजन पर रखा जाए तो 14 क्यूविक आक्सीजन की खपत होती है। इस तरह से देखा जाए तो आक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि इतनी क्षमता का प्लांट बलिया और आजमगढ़ में भी है।
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बाजारों से गायब हुए ऑक्सीमीटर
मऊ। आक्सीजन की आपूर्ति की समस्या के साथ ही जिले में ऑक्सीमीटर की किल्लत भी हो गई है। बाजारों में ऑक्सीमीटर नहीं मिल रहे है। जहां मिल भी रहे हैं तो इनके दाम में भी चार-पांच गुना बढ़ोतरी हो गई है। 500 से 1500 रुपये तक ऑक्सीमीटर की कीमत बढ़ गई है। घरों में आइसोलेट मरीजों के लिए आक्सीजन स्तर मापने में ऑक्सीमीटर की जरूरत पड़ती है।
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