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पास न बनने नहीं खुली दुकानें
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ऑन लाइन पास न बनने नहीं खुली दुकानें
कई कारोबारियों के पास तो था ही नहीं सामान
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। लॉक डाउन के बीच शासन की स्वीकृति पर जिला प्रशासन ने बिल्डिंग मैटेरियल की दुकनों को खोलने का आदेश तो जारी किया, लेकिन ऑन लाइन पास न मिलने से दुकानें बंद रहीं। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने जीएसटी धारक कारोबारियों को माल लाने और दुकानदारी करने के लिए परमीशन लेने को कहा है।
कानूनी अड़चनों के चलते सोमवार को चाहकर भी व्यापारी दुकानों को नहीं खोल पाए। पता चला कि अधिकांश दुकानदारों के पास माल ही नहीं है। जिसके पास माल है भी तो उसको कारोबार करने के लिए ऑन लाइन प्रशासन से परमीशन लेना होगा। परमीशन उसी को मिलेगा, जिसके पास जीएसटी नंबर होगा। ऐसे में आधे कारोबारी तो ऐसे ही छंट गए। शेष ने ऑन लाइन आवेदन तो किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कारोबारी आनंद सिंह ने बताया कि ऑन लाइन आवेदन किया गया। अब परमीशन कब मिलेगी, बता नहीं सकते। सरिया कारोबारी लल्लू जायसवाल, राजेश प्रजापति और दीपक शर्मा ने बताया कि परमीशन मिलने पर भी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
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कई कारोबारियों के पास तो था ही नहीं सामान
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। लॉक डाउन के बीच शासन की स्वीकृति पर जिला प्रशासन ने बिल्डिंग मैटेरियल की दुकनों को खोलने का आदेश तो जारी किया, लेकिन ऑन लाइन पास न मिलने से दुकानें बंद रहीं। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने जीएसटी धारक कारोबारियों को माल लाने और दुकानदारी करने के लिए परमीशन लेने को कहा है।
कानूनी अड़चनों के चलते सोमवार को चाहकर भी व्यापारी दुकानों को नहीं खोल पाए। पता चला कि अधिकांश दुकानदारों के पास माल ही नहीं है। जिसके पास माल है भी तो उसको कारोबार करने के लिए ऑन लाइन प्रशासन से परमीशन लेना होगा। परमीशन उसी को मिलेगा, जिसके पास जीएसटी नंबर होगा। ऐसे में आधे कारोबारी तो ऐसे ही छंट गए। शेष ने ऑन लाइन आवेदन तो किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कारोबारी आनंद सिंह ने बताया कि ऑन लाइन आवेदन किया गया। अब परमीशन कब मिलेगी, बता नहीं सकते। सरिया कारोबारी लल्लू जायसवाल, राजेश प्रजापति और दीपक शर्मा ने बताया कि परमीशन मिलने पर भी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
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