मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अभिनय कुमार मिश्रा ने एससी/ एसटी व्यक्ति के साथ मारपीट के क्रास केस के 23 वर्ष पुराने मामले में एक पक्ष के नौ तथा दूसरे पक्ष के 2 लोगों को दोषी पाया। इनमें एक पक्ष के नौ लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ सात-सात हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं दूसरे पक्ष के चार में दो को दोषी पाया, जिसमें एक को तीन वर्ष की सजा के साथ 10 हजार अर्थदंड लगाया। जबकि दूसरे को छह माह की सजा सुनाई। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बडागांव का है। अभियोजन के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी रामबचन धोबी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें गांव के ही रविंद्र राय, मारकंडे राय, प्रवीण राय, गिरीश चंद्र राय, सुशील राय, बिल्लू राय, अमित राय, दुर्गविजय राय तथा विजय प्रकाश राय को नामजद किया। वहीं दूसरे पक्ष से राजेंद्र राय की तहरीर पर चार लोगों देवंत, सुमंत, रामबचन तथा मधई को नामजद किया। रामबचन धोबी का कथन था कि 11 अगस्त 1998 की शाम धुलाई के पैसे के विवाद को लेकर आरोपीगणों ने बम फेंका और परिवार के लोगों को पीटा किया। वही दूसरे पक्ष के राजेंद्र राय का कथन था कि उसी दिन शाम को उनके भतीजे राजीव कुमार और शरद अपने बाग की तरफ जा रहे थे कि इसी बीच आरोपीगणों ने उन पर बम से हमला किया और मारापीटा। पुलिस ने विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्रनाथ राय और अखिलेश कुमार सिंह ने एक पक्ष से 10 तथा दूसरे पक्ष से नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के रविंद्र राय, मारकंडे राय, प्रवीण राय, गिरीश चंद्र राय, सुशील राय, बिल्लू राय, अमित राय, दुर्ग विजय राय तथा विजय प्रकाश राय को बलवा, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और एससी /एसटी एक्ट के तहत दोषी पाया और सभी को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 5-5 हजार रूपया अर्थदंड सुनाया। वही दूसरे पक्ष के दोषी देवंत को हत्या केे प्रयास मे तीन वर्ष की सजा और 5 हजार रुपए अर्थदंड तथा रामबचन को मारपीट के मामले मे छह माह की सजा सुनाई।