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लापरवाही: पहली बैठक की सूचना न मिलने पर सदस्यों ने दर्ज कराई शिकायत
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मऊ। विकासखंड रानीपुर के नसीरपुर गांव के नवनिर्वाचित सदस्यों ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उन्हे ग्राम सभा की पहली बैठक की ना तो सूचना दी गई और ना ही शपथ ग्रहण कराया गया। इसके लिए सदस्यों ने सचिव को दोषी बताया। नसीरपुुुर के नव निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों में रामजीत यादव, सुक्खू राम, राजेंद्र राम, रिंकू पत्नी शिवकुमार राम और सरोज पत्नी संजय ने जिलाधिकारी, सीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ और राज्य निर्वाचन आयोग को प्रार्थना पत्र भेजकर शपथ न दिलाने का आरोप लगाया।
शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि शपथ ग्रहण करने के लिए वो सभी गांव के पंचायत भवन पर पूरे दिन बैठे रहे। लेकिन नवनिर्वाचित प्रधान और सचिव की मिलीभगत से उन लोगों को शपथ ग्रहण नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत की पहली बैठक और ग्राम समितियों के गठन के बारें में भी पंचायत सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी गई। जबकि 25 और 26 मई की सुबह 10 से पांच बजे तक ग्राम सभा में बने पंचायत भवन पर उपस्थित भी रहे। लेकिन शपथ दिलाने के लिए कोई भी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी वहां नहीं पहुंचा।
इन लोगों का आरोप है कि सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह उन्हें धमकी दे रहे हैं, कि उन्होंने आगाह किया कि सभी पांचों अधिकारी प्रधान के विपक्षी हैं, इसलिए इनकी शपथ नहीं दिलाकर इनकी सदस्यता रद्द कर दूंगा तथा समिति का भी गठन कर लूंगा। इस गांव में 13 पंचायत सदस्य हैं। समिति के गठन के लिए कुल सदस्यों का दो तिहाई बहुमत यानी नौ सदस्य चाहिए।
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रतनपुरा संवाददाता के अनुसार रतनपुरा ग्राम पंचायत के आठ ग्राम पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी को शिकायत पत्र देकर कहा है कि ग्राम पंचायत की पहली बैठक की उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। जिसके चलते वे लोग ग्राम पंचायत की पहली बैठक की कार्रवाई में भाग नहीं ले सके।
इनका आरोप है कि बैठक सार्वजनिक स्थान पर करने के बजाए एक व्यक्ति के निजी आवास पर की गई।ग्राम पंचायत सदस्य अरुण कुमार, चंदा देवी ,शेषनाथ राम, राजन कुमार, साधना देवी, हरिकेश, रोहित शर्मा एवं दुर्गानंद ने इस संपूर्ण प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर का कहना है कि ऐसी शिकायत अभी नहीं मिली है। लेकिन यदि शिकायत मिली और जांच में शिकायत सही मिली तो संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि शपथ ग्रहण करने के लिए वो सभी गांव के पंचायत भवन पर पूरे दिन बैठे रहे। लेकिन नवनिर्वाचित प्रधान और सचिव की मिलीभगत से उन लोगों को शपथ ग्रहण नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत की पहली बैठक और ग्राम समितियों के गठन के बारें में भी पंचायत सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी गई। जबकि 25 और 26 मई की सुबह 10 से पांच बजे तक ग्राम सभा में बने पंचायत भवन पर उपस्थित भी रहे। लेकिन शपथ दिलाने के लिए कोई भी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी वहां नहीं पहुंचा।
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इन लोगों का आरोप है कि सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह उन्हें धमकी दे रहे हैं, कि उन्होंने आगाह किया कि सभी पांचों अधिकारी प्रधान के विपक्षी हैं, इसलिए इनकी शपथ नहीं दिलाकर इनकी सदस्यता रद्द कर दूंगा तथा समिति का भी गठन कर लूंगा। इस गांव में 13 पंचायत सदस्य हैं। समिति के गठन के लिए कुल सदस्यों का दो तिहाई बहुमत यानी नौ सदस्य चाहिए।
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रतनपुरा संवाददाता के अनुसार रतनपुरा ग्राम पंचायत के आठ ग्राम पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी को शिकायत पत्र देकर कहा है कि ग्राम पंचायत की पहली बैठक की उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। जिसके चलते वे लोग ग्राम पंचायत की पहली बैठक की कार्रवाई में भाग नहीं ले सके।
इनका आरोप है कि बैठक सार्वजनिक स्थान पर करने के बजाए एक व्यक्ति के निजी आवास पर की गई।ग्राम पंचायत सदस्य अरुण कुमार, चंदा देवी ,शेषनाथ राम, राजन कुमार, साधना देवी, हरिकेश, रोहित शर्मा एवं दुर्गानंद ने इस संपूर्ण प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर का कहना है कि ऐसी शिकायत अभी नहीं मिली है। लेकिन यदि शिकायत मिली और जांच में शिकायत सही मिली तो संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।