{"_id":"4bc0d94b586cd42e0ad1478835051eb1","slug":"muslims-celebrate-barawafat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर अंजुमनों ने निकाला जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर अंजुमनों ने निकाला जुलूस
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sun, 04 Jan 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारावफात पर जुलूस कदीमी रास्ते से होता हुआ मुहम्मदिया पर जाकर समाप्त हुआ। जुलूसे मुहम्मदी अंजुमन हुजूरी मुुंशीपुरा के तत्वावधान में जामा मसजिद हुजूरी से निकाला गया,
जो अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ पुन: मुहम्मदी जाकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल अंजुमन सरकार की आमद मरहबा और पत्ती-पत्ती, फूल-फूल या रसूल या रसूल के नारों से गली कूचा गूंज उठा।
इस अवसर पर फिरोज अहमद फैज ने हजरत मोहम्मद साहब के पवित्र जन्मदिन पर चर्चा करते हुए कहा कि हुजूर के आने से पहले समाज में इतनी बुराइयां फैली हुई थी कि लोग अपने लड़कियों के पैदा होने पर जिंदा दफन कर देते थे।
विज्ञापन
समाज में औरतों का कोई मकाम नहीं था। लेकिन हुजूर के आने के बाद उन्होंने समाज में फैली इस तरह की तमाम बुराइयों को खत्म किया। कहा कि लड़कियां घर की रहमत होती हैं।
घोसी संवाददाता के अनुसार पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर रविवार को अंजुमनों ने विशाल जुलूस निकाला। जुलूस मदरसा समसुलउलूम से चलकर बड़ागांव बाजार, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मदापुर होते हुए नगर का भ्रमण किया।
जुलूसे मोहम्मदिया में नगर के विभिन्न भागों से कई मदरसों के जुलूस सम्मिलित हो गए। जुलूस मेें मदरसा समसुल उलूम करीमुद्दीनपुर, मदरसा अमजदिया, इमलबाग, मदरसा अरबिया, अनवारुल कुरान, बड़ागांव आदि मदरसों के हजारों बच्चे हाथों नारे लिखे तख्ती बैनर लिए चल रहे थे।
विज्ञापन
जो अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ पुन: मुहम्मदी जाकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल अंजुमन सरकार की आमद मरहबा और पत्ती-पत्ती, फूल-फूल या रसूल या रसूल के नारों से गली कूचा गूंज उठा।
विज्ञापन
इस अवसर पर फिरोज अहमद फैज ने हजरत मोहम्मद साहब के पवित्र जन्मदिन पर चर्चा करते हुए कहा कि हुजूर के आने से पहले समाज में इतनी बुराइयां फैली हुई थी कि लोग अपने लड़कियों के पैदा होने पर जिंदा दफन कर देते थे।
विज्ञापन
समाज में औरतों का कोई मकाम नहीं था। लेकिन हुजूर के आने के बाद उन्होंने समाज में फैली इस तरह की तमाम बुराइयों को खत्म किया। कहा कि लड़कियां घर की रहमत होती हैं।
घोसी संवाददाता के अनुसार पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर रविवार को अंजुमनों ने विशाल जुलूस निकाला। जुलूस मदरसा समसुलउलूम से चलकर बड़ागांव बाजार, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मदापुर होते हुए नगर का भ्रमण किया।
जुलूसे मोहम्मदिया में नगर के विभिन्न भागों से कई मदरसों के जुलूस सम्मिलित हो गए। जुलूस मेें मदरसा समसुल उलूम करीमुद्दीनपुर, मदरसा अमजदिया, इमलबाग, मदरसा अरबिया, अनवारुल कुरान, बड़ागांव आदि मदरसों के हजारों बच्चे हाथों नारे लिखे तख्ती बैनर लिए चल रहे थे।