{"_id":"ff3b00d6806276066bcd887b731f2427","slug":"mushaira-held-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शान से मना जश्ने वफा डे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शान से मना जश्ने वफा डे
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 05 Jun 2015 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के बड़ागांव के शिया मोहल्ला में शहने जाफरी में जश्ने वफा डे शान शौकत के साथ मनाया गया। इसमें दूर-दूर से आए शायरों ने हजरत अब्बास के शान में कसीदे पढ़े।
इस अवसर पर मौलाना मोजाहिर ने हजरत अब्बास की शान में बताया कि हजरते अब्बास मौला अली की दुआ का सजर है। मौला अली ने इन्हें खुदा से दुआ में मांगा था। ये बहुत बहादुर थे। दुश्मन इनके नाम से कांपते थे। ये इमाम हुसैन के बड़े भाई थे। ये इमाम हुसैन के सेना के सेनापति थे। इनकी फजीलतें बहुत हैं।
इनको बाबे मुराद के नाम से भी जाना जाता था। इस अवसर पर हजरत अब्बास की शान म रौनक हल्लोरी नें दी सलामी परचमें इस्लाम ने सुकरकर कलीम ,बढ के गाजी की कदमबोसी को दरिया आ गया पढा।
विज्ञापन
इसी क्रम में डा. कलीम घोसवी, बनारसी, चंदन फैजाबादी, डा. वकार घोसवी, सालिम बलरामपुरी आदि ने अपनी रचना पेश कर लोगों को वाहवाह करने पर विवश कर दिया। इस दौरान जहीर अब्बास, नाजिम हुसैन, रिजवान हैदर आदि शामिल थे।
विज्ञापन
इस अवसर पर मौलाना मोजाहिर ने हजरत अब्बास की शान में बताया कि हजरते अब्बास मौला अली की दुआ का सजर है। मौला अली ने इन्हें खुदा से दुआ में मांगा था। ये बहुत बहादुर थे। दुश्मन इनके नाम से कांपते थे। ये इमाम हुसैन के बड़े भाई थे। ये इमाम हुसैन के सेना के सेनापति थे। इनकी फजीलतें बहुत हैं।
विज्ञापन
इनको बाबे मुराद के नाम से भी जाना जाता था। इस अवसर पर हजरत अब्बास की शान म रौनक हल्लोरी नें दी सलामी परचमें इस्लाम ने सुकरकर कलीम ,बढ के गाजी की कदमबोसी को दरिया आ गया पढा।
विज्ञापन
इसी क्रम में डा. कलीम घोसवी, बनारसी, चंदन फैजाबादी, डा. वकार घोसवी, सालिम बलरामपुरी आदि ने अपनी रचना पेश कर लोगों को वाहवाह करने पर विवश कर दिया। इस दौरान जहीर अब्बास, नाजिम हुसैन, रिजवान हैदर आदि शामिल थे।