फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Mow: More than 50 thousand complaints occurred during the Corona crisis

मऊः कोरोना संकट काल में आई 50 हजार से अधिक शिकायतें

Wed, 10 Mar 2021 11:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Mar 2021 11:28 PM IST
विज्ञापन
Mow: More than 50 thousand complaints occurred during the Corona crisis
मऊ। कोरोना संकट काल में भी जन शिकायतों के क्रम जारी रहा। हालांकि उनके निपटारे में भी जनपद में तेजी रही। पिछले साल अप्रैल 2020 से दस मार्च 2021 लगभग साढ़े 11 महीनों में विभिन्न प्लेटफार्मों से 50 हजार से अधिक लोगों ने शिकायतें किया। इनमें से 1816 शिकायतें लंबित हैं जबकि अन्य शिकायतें निपटा दी गई हैं।
विज्ञापन

जनपद में अप्रैल 2020 से दस मार्च 2021 तक 50 हजार 826 जन शिकायतें आई हैं। इनमें से 49 हजार दस शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। इन शिकायतों में राजस्व संबंधी शिकायतें अधिक हैं। नाली खड़ंजा, पेंशन, राशन कार्ड से जुड़ी थीं। लेकिन 1816 जन शिकायतें लंबित रह गई हैं।
विज्ञापन

इन छह प्लेटफार्मों पर की जाती हैं शिकायतें
जनपद से लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को सीधे भेजी जाने वाली शिकायतों को निपटारे के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, आनलाइन जन शिकायतें, पीजी पोर्टल, जिलाधिकारी को प्रेषित जन शिकायतों के साथ ही संपूर्ण समाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों को शामिल किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लगा दी जाती हैं बिना निपटारे के फर्जी रिपोर्ट:
मऊ। लोगों की शिकायत है कि बिना समस्या के निपटारे के ही निचले स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से फर्जी रिपोर्ट लगा दी जाती है। रतनपुरा ब्लाक के इटौरा निवासी जयप्रकाश सिंह कहते हैं कि गांव में सार्वजनिक चकरोड से अतिक्रमण हटवाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस तक में शिकायत किया लेकिन 12 सालों में अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। इस प्रकार प्रेम नगर चकिया निवासी रामचंद्र यादव ने शहर से जुड़ी सार्वजनिक जमीनों पर भू माफियाओं द्वारा अतिक्रमण करने की शिकायतें कई बार की गई हैं लेकिन ये शिकायतें भी निस्तारित नहीं की गईं।
फर्जी निपटारे पर भी शिकायत का आनलाइन है विकल्प
मऊ। जिन मामलों में बिना निपटारे के रिपोर्ट देने के मामले में फीड बैक में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद शिकायत पुन: जीवित होकर कार्रवाई के दायरे में आ जाएगी। ई -मैनेजर आशीष मिश्र कहते हैं कि लोगों को इस विकल्प का उपयोग करना चाहिए।

फरवरी में प्रदेश के 75 जिलों में मऊ रहा अव्वल
मऊ। जन शिकायतों के निपटारे में फरवरी महीने में मऊ जनपद अव्वल आया है। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को ई डिस्ट्रिक प्रभारी आशीष मिश्र रोजाना संबंधित अधिकारियों को भेज देते हैं। अधिकारी नियत अवधि में लोगों की शिकायतें निपटा देते हैं। फरवरी महीने में मुख्यमंत्री संदर्भ की संख्या सात आई, जबकि आनलाइन संदर्भ 498, पीजी पोर्टल और अन्य संदर्भ 29, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ,जनसेवाकेंद्र, लोकवाणी 581 संपूर्ण समाधान दिवस 177 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन संदर्भ 537 आए। इन सभी शिकायतों का निपटारा नियत अवधि में कर दिया गया है। शासन द्वारा कराई गई रैकिंग में जनपद को सर्वाधिक दस - दस अंक मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed