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Mau News: देवारा में बाढ़ की जद में 20 से अधिक गांव, 4 संपर्क मार्ग डूबे, आवागमन ठप
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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से देवारा के इलाकाें के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा निशान से 25 सेमी ऊपर बह रही है। नदी छठी बार खतरा के निशान से ऊपर पहुंचने से दोहरीघाट कस्बा के तीन मुहल्लों में एक बार फिर पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। वहीं मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाकोंं के संपर्क मार्ग डूब जाने से 20 से अधिक गांव बाढ़ के जद में आ गए हैं। फसल जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट गहराने लगा है। लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में आने जाने को विवश हैं।
सरयू नदी छठी बार लाल निशान पार करने से दोहरीघाट कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। दोहरीघाट क्षेत्र के धनौलीरामपुर, गोड़ौली, नई बाजार, नौली, चिउटीडाड़, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, बीबीपुर, जमीरा चौराडीह, पाऊस, कोरौली, बेलौली, महुआ बारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों की फसलें जलमग्न होने के बाद बची फसलों के नष्ट होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। गांवों की सुरक्षा के लिए बनाए गए बंधों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 70.15 मीटर रहा। जबकि रविवार को जलस्तर 69.90 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा के अधिकांश संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। मुख्य मार्ग नरहाघाट से सुग्गीचौरी डेढ़ फीट से अधिक पानी भर गया है। भगत पुरवा से बिशुन पुरवा, गोबरही से बइरकंटा, बिंटोलिया से नईबस्ती के संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से 20 से अधिक गांव बाढ़ के जद में आ गए हैं। हजारों एकड़ फसलों के जलमग्न होने से पशुपालकों के समक्ष पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पशुपालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है।
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सरयू नदी छठी बार लाल निशान पार करने से दोहरीघाट कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। दोहरीघाट क्षेत्र के धनौलीरामपुर, गोड़ौली, नई बाजार, नौली, चिउटीडाड़, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, बीबीपुर, जमीरा चौराडीह, पाऊस, कोरौली, बेलौली, महुआ बारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों की फसलें जलमग्न होने के बाद बची फसलों के नष्ट होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। गांवों की सुरक्षा के लिए बनाए गए बंधों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 70.15 मीटर रहा। जबकि रविवार को जलस्तर 69.90 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा के अधिकांश संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। मुख्य मार्ग नरहाघाट से सुग्गीचौरी डेढ़ फीट से अधिक पानी भर गया है। भगत पुरवा से बिशुन पुरवा, गोबरही से बइरकंटा, बिंटोलिया से नईबस्ती के संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से 20 से अधिक गांव बाढ़ के जद में आ गए हैं। हजारों एकड़ फसलों के जलमग्न होने से पशुपालकों के समक्ष पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पशुपालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है।
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