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ग्राम निधि खाते से रिबोर के नाम पर की हेराफेरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 15 Apr 2016 12:02 AM IST
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फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में एक बार फिर ग्राम निधि खाते से घपला करने का मामला सामने आया है। ग्रामसभा पदारथपुर के पूर्व प्रधान राजेश मिश्र ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। शिकायत है कि हैंडपंप रिबोर के नाम सेक्रेटर ने सरकारी धन में हेरफेर की है। खंड विकास अधिकारी मनोज वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिला है। जांच में गलत तरीके से धन निकालना पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विकास खंड फतेहपुर मंडाव फर्जी भुगतानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है। लोहिया गांव छपरा भंगी में 58 अपात्रों को आवास दिया गया था। जो जांच में सही पाया गया। जिसमें डीपीआरओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया था।लेकिन खंड विकास अधिकारी द्वारा खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी गई।
नियम के तहत सेक्रेटरी,हेड क्लर्क और बीडीओ के हस्ताक्षर से लाभार्थियों को आवास दिया जाता है।लेकिन बीडीओ द्वारा हेडक्लर्क और सेक्रेटरी पर मुकदमा दर्ज ही नहीं कराया गया।इसी तरह पंचायत चुनाव के दौरान सेक्रेटरी पर केवल पंचायत चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी थी।लेकिन उन्होंने अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुये चुनाव के दौरान जब अधिसूचना लागू हो गई उस समय अकेले18 लाख से ऊपर जबकि ब्लाक में 28 लाख का भुगतान फर्जी तरीके से लिया गया।
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जिसकी जांच नामित जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा चार माह बाद भी पूरी नहीं की जा सकी है।उसमें भी पुराने कार्यो को दिखाकर उसको ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।इस मामले में भी दोषी पाये जाने पर दूसरी बार निलंबन के आदेश जारी किये गए। लेकिन आज तक न ही उससे चार्ज लिया गयाऔर न ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी।जबकि सेक्रेटरी पर एक नहीं दो निलंबन के चार्ज हैं।
बावजूद आज भी वह अपने सारे कार्यो रिकार्डो की देख रेख पहले जैसे ही किया जाता है।फर्जी तरीके से धन निकालने की सूचना पर अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं।इसके बाद आनन फानन में ब्लाक के सारे खातो से जांच होने तक धन निकालने पर जिलाधिकारी द्वारा रोक लगा दी गयी थी। अभी यह प्रकरण खत्म भी नही हुआ था कि जैसे ही खातो का संचालन शुरू हुआ कि ब्लाक में 14वें वित्त का चेक मरम्मत आदि के नाम पर कटने लगा।
इसमें ग्रामसभा पदारथपुर का एक मामला सामने आया है। ग्राम सभा पदारथपुर में चौदहवें वित्त से हैंडपंप मरम्मत के नाम पर दो बार में दो चेक से 54 हजार रुपये निकाल लिए गए। जबकि मरम्मत का काम नाममात्र का दिखाया गया है। बताया जाता है कि ब्लाक द्वारा जितने लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत था। न्यायालय से स्टे मिल गया है।
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विकास खंड फतेहपुर मंडाव फर्जी भुगतानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है। लोहिया गांव छपरा भंगी में 58 अपात्रों को आवास दिया गया था। जो जांच में सही पाया गया। जिसमें डीपीआरओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया था।लेकिन खंड विकास अधिकारी द्वारा खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी गई।
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नियम के तहत सेक्रेटरी,हेड क्लर्क और बीडीओ के हस्ताक्षर से लाभार्थियों को आवास दिया जाता है।लेकिन बीडीओ द्वारा हेडक्लर्क और सेक्रेटरी पर मुकदमा दर्ज ही नहीं कराया गया।इसी तरह पंचायत चुनाव के दौरान सेक्रेटरी पर केवल पंचायत चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी थी।लेकिन उन्होंने अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुये चुनाव के दौरान जब अधिसूचना लागू हो गई उस समय अकेले18 लाख से ऊपर जबकि ब्लाक में 28 लाख का भुगतान फर्जी तरीके से लिया गया।
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जिसकी जांच नामित जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा चार माह बाद भी पूरी नहीं की जा सकी है।उसमें भी पुराने कार्यो को दिखाकर उसको ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।इस मामले में भी दोषी पाये जाने पर दूसरी बार निलंबन के आदेश जारी किये गए। लेकिन आज तक न ही उससे चार्ज लिया गयाऔर न ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी।जबकि सेक्रेटरी पर एक नहीं दो निलंबन के चार्ज हैं।
बावजूद आज भी वह अपने सारे कार्यो रिकार्डो की देख रेख पहले जैसे ही किया जाता है।फर्जी तरीके से धन निकालने की सूचना पर अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं।इसके बाद आनन फानन में ब्लाक के सारे खातो से जांच होने तक धन निकालने पर जिलाधिकारी द्वारा रोक लगा दी गयी थी। अभी यह प्रकरण खत्म भी नही हुआ था कि जैसे ही खातो का संचालन शुरू हुआ कि ब्लाक में 14वें वित्त का चेक मरम्मत आदि के नाम पर कटने लगा।
इसमें ग्रामसभा पदारथपुर का एक मामला सामने आया है। ग्राम सभा पदारथपुर में चौदहवें वित्त से हैंडपंप मरम्मत के नाम पर दो बार में दो चेक से 54 हजार रुपये निकाल लिए गए। जबकि मरम्मत का काम नाममात्र का दिखाया गया है। बताया जाता है कि ब्लाक द्वारा जितने लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत था। न्यायालय से स्टे मिल गया है।