घोसी। बड़ागाँव स्थित जाफरी अजाखाने से बुधवार की रात अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में अंजुमन मसूमिया क़दीम रजिस्टर्ड ने नौहाख्वानी और मातम किया। इससे पूर्व उलेमा ने मजलिस को खिताब करते हुए शहीदाने कर्बला पर रोशनी डाली। जुलूस बड़ागाँव पूर्वी शिव मंदिर स्थित पोखरे से मिट्टी लेकर अपने क़दीमी रास्तों से होता हुआ सदर बाजार स्थित इमाम चौक पर देर रात समाप्त हुआ। यह जुलूस उस वाक़ए कर्बला के उस तथ्य से जुड़ा है कि जब चार मोहर्रम सन 61 हिजरी को यजीद के हुक्म से इमाम हुसैन और उनके परिवार को नहरे फरात के किनारे से हटा दिया जाता है। जब इमाम हुसैन के खेमे में पानी खत्म हो जाता है। तो इमाम हुसैन ने अब्बास अलमदार से कहा कि बच्चों के लिए पानी का इंतजाम करो। इमाम का हुक्म मिलने के बाद अब्बास मैदान ए कर्बला में पानी की तलाश में सात कुआं खोदते हैं। जिसमें पानी के बजाय सिर्फ मिट्टी हाथ लगती है। उसी वाक़ए की याद में जाफरी अजाखाने से अलम का जुलूस हर साल निकाला जाता है। जुलूस के दौरान मुजाहिर हुसैन, इम्तेयाज काजमी, अलमदार हुसैन, शमशाद हुसैन, शमीमुल हसन ने नौहाख्वानी की। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक नीरज पाठक मय फोर्स मौके पर सुरक्षा की कमान संभाले रहे। इस अवसर पर सैयद असग़र इमाम, सैयद नजर हैदर, नेसार अली, जौन मोहम्मद, सैयद खुशतर, मोहम्मद शादाब, नसीम, फ़ैज शब्बीर,मोहम्मद अली, जावेद, वक़ार अली, अली असग़र सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।