मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शुक्रवार को दीवानी कचहरी में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दीवानी कचहरी में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाएं और उसके विकास को बढावा दिए जाने की वकालत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज मुकेश मिश्रा और विशिष्ट अतिथि कमलेश राय ने किया। जिला जज मुकेश मिश्रा ने कहा कि हिंदी को एक मात्र भाषा के रूप में देखें इसे राजनीति की भाषा न बनावे। कहा कि हिंदी राजनीति की भाषा और भाषा की राजनीति बनकर रह गई है। अब तो दिखाने के लिए केवल हिंदी दिवस मनाया जा रहा। हिंदी का विरोध करने से हिंदी को बढ़ावा नहीं मिलेगा। विशिष्ट अतिथि डीसीएसके पीजी कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता कमलेश राय ने कहा कि हिंदी का समग्र विकास हो चुका है । सोशल मीडिया ने किताबों से लोगों दूूूूर किया है ।कहा कि हिंदी भाषा ही नहीं हमारी अस्मिता है। इसके अलावा एडीजे रामराज, मुंसिफ बलवंत भारती, लालजी पांडेय, हरिद्वार राय, अंकिता तिवारी, विजय शंकर यादव, अशोक कुमार अश्क, सौरभ राय, हुमा रिजवी, रमाशंकर सिंह बार के महामंत्री दरोगा सिंह ने अपना विचार व्यक्त किया। इस मौके पर लालचंद गुप्ता, आदिल आफताब अहमद, आराधना रानी, मुहम्मद गजाली, सुरेश कुमार गुप्ता, बुद्धिसागर मिश्रा, फूलचंद पटेल,राम अवतार प्रसाद, सीजेएम विनोद शर्मा, सत्यवीर सिंह, अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप यादव, अरविंद तिवारी ,सज्जाद हुसैन, नरेंद्रनाथ राय, सुनील सिंह बिसेन, आकाश रोशन सिंह, राजकुमार शाही,अनिल कुमार श्रीवास्तव, रविशंकर सिंह आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन प्राधिकरण के सचिव शुभम वर्मा ने किया।