मऊ। बीएसए के बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण में 20 शिक्षक गैरहाजिर मिले। शिक्षकों की इस लापरवाही से खफा बीएसए ने अग्रिम आदेश तक इनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता दयनीय मिली। बीएसए ओपी त्रिपाठी ने घोसी ब्लाक क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय लाखीपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने सहायक अध्यापिका सोनू देवी के साथ सभी बच्चों को कतारबद्ध करके प्रार्थना करवाई। प्रार्थना के बाद तक सहायक अध्यापिका पूनम यादव, शशि बाला उपाध्याय, संतरा यादव, श्वेता शाश्वत, कलावती देवी, मनोरमा और किरण लता शिक्षामित्र अनुपस्थित मिलीं। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय लाखीपुर में हेमलता वर्मा, उषा, सावित्री सिंह अनुदेशक, रागिनी सिंह गैरहाजिर मिलीं। इसके बाद कंपोजिट विद्यालय अरियासो के निरीक्षण में गिरजा देवी सहायक अध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। साथ ही प्रधानाध्यापक कल्पनाथ को विद्यालय अवधि के दौरान सभी शौचालय बंद होने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय चक विश्वनाथ का निरीक्षण किया। यहां बच्चों की उपस्थिति कम मिली। प्राथमिक विद्यालय तिलई में पूनम सिंह, ललिता राय, शिक्षा मित्र इंदिरा देवी अनुपस्थित मिलीं। प्राथमिक विद्यालय चक बब्बन में बच्चों का अधिगम स्तर ठीक पाए जाने पर विद्यालय के समस्त अध्यापकों की सराहना की। प्राथमिक विद्यालय मिर्जा जमालपुर पर बच्चों का अधिगम स्तर न्यूनतम पाए जाने एवं मिशन पहचान रजिस्टर पर अध्यापकों द्वारा स्वयं ही बच्चों का अंग्रेजी में हस्ताक्षर बनाए जाने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त स्टाफ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश दिया। बीएसए ओपी त्रिपाठी ने बताया कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।