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अंक तय नहीं करते भविष्य, निरंतर सीखना भी जरूरी : श्यामसुंदर पटेल
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कस्बे के दुबारी मोड़ स्थित सुभागी देवी इंटर कॉलेज में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘नई दिशा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता खंड शिक्षा अधिकारी फतेहपुर मंडाव श्यामसुंदर पटेल ने छात्रों को कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
उन्होंने छात्रों को बताया कि अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहें। आने वाले समय में प्रतियोगिता और बढ़ने वाली है, इसलिए उसकी तैयारी भी पूरी मजबूती के साथ करें। इस दौरान 350 से ज्यादा विद्यार्थी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ‘नई दिशा : भविष्य की ओर पहला कदम’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह महत्वपूर्ण सीख देना है कि भविष्य की सफलता केवल परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जीवन में सही दृष्टिकोण, अथक मेहनत और अटूट आत्मविश्वास का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
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कार्यक्रम में छात्रा सोनम ने पूछा कि क्या कभी ऐसा समय आया, जब अंकों ने अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया? इसका जवाब देते हुए मुख्य वक्ता ने बताया कि उनके जीवन में ऐसे कई क्षण आए, जब परिणाम उनकी उम्मीदों के विपरीत रहे।
ऐसे समय में उन्होंने हमेशा अपनी आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा रखा और यह सीखा कि अंक केवल उनकी कहानी का एक हिस्सा हैं, पूरी कहानी नहीं।
इस मौके पर स्कूल प्रबंधक डॉ. संजीव कुमार मल्ल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलती है। ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर विद्यालयों में आयोजित होने चाहिए।
प्रधानाचार्य सीपी आर्य, सुनील कुशवाहा, रणधीर मल्ल, मणिंद्र मल्ल, योगेश सिंह, रामबचन यादव, अरुण मल्ल, मतुल्लाह खान सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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उन्होंने छात्रों को बताया कि अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहें। आने वाले समय में प्रतियोगिता और बढ़ने वाली है, इसलिए उसकी तैयारी भी पूरी मजबूती के साथ करें। इस दौरान 350 से ज्यादा विद्यार्थी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ‘नई दिशा : भविष्य की ओर पहला कदम’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह महत्वपूर्ण सीख देना है कि भविष्य की सफलता केवल परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जीवन में सही दृष्टिकोण, अथक मेहनत और अटूट आत्मविश्वास का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
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कार्यक्रम में छात्रा सोनम ने पूछा कि क्या कभी ऐसा समय आया, जब अंकों ने अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया? इसका जवाब देते हुए मुख्य वक्ता ने बताया कि उनके जीवन में ऐसे कई क्षण आए, जब परिणाम उनकी उम्मीदों के विपरीत रहे।
ऐसे समय में उन्होंने हमेशा अपनी आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा रखा और यह सीखा कि अंक केवल उनकी कहानी का एक हिस्सा हैं, पूरी कहानी नहीं।
इस मौके पर स्कूल प्रबंधक डॉ. संजीव कुमार मल्ल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलती है। ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर विद्यालयों में आयोजित होने चाहिए।
प्रधानाचार्य सीपी आर्य, सुनील कुशवाहा, रणधीर मल्ल, मणिंद्र मल्ल, योगेश सिंह, रामबचन यादव, अरुण मल्ल, मतुल्लाह खान सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।