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भूमि बिल में संशोधन के खिलाफ पैदल मार्च
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 20 Aug 2015 12:31 AM IST
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जमींदारी विनाश व भूमि सुधार अधिनियम में प्रदेश सरकार की ओर से संशोधन किए जाने के विरोध में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक परिषद की ओर से पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना में तब्दील हो गया।
इस मौके पर रामविलास भारती ने कहा कि जिस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह अधिनियम बनाया गया वह उद्देश्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। आज भी दलित डरा व सहमा रहता है। वह कमजोर व भूमिहीन है।
सरकार संशोधन कर दलितों को भूमिहीन व लाचार बनाने की साजिश है।सरकार वास्तव में यदि दलित विरोधी नहीं है और समाज में समाजवाद लाना चाहती है तो भूमि का राष्ट्रीयकरण करे।
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सरकार जमीन का समान वितरण प्रणाली लागू करे। इसी क्रम में सुनील दत्त ने कहा कि यह सरकार दलित विरोधी सरकार है। सरकार की ओर से भूमि सुधार संशोधन अनैतिक व अन्यायपूर्ण है। इस अवसर पर हरिंद्र कुमार, तपेश्वर राम, मनिराम, आरपी राम, म़ुंशी प्रेमचंद मौजूद थे।
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इस मौके पर रामविलास भारती ने कहा कि जिस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह अधिनियम बनाया गया वह उद्देश्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। आज भी दलित डरा व सहमा रहता है। वह कमजोर व भूमिहीन है।
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सरकार संशोधन कर दलितों को भूमिहीन व लाचार बनाने की साजिश है।सरकार वास्तव में यदि दलित विरोधी नहीं है और समाज में समाजवाद लाना चाहती है तो भूमि का राष्ट्रीयकरण करे।
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सरकार जमीन का समान वितरण प्रणाली लागू करे। इसी क्रम में सुनील दत्त ने कहा कि यह सरकार दलित विरोधी सरकार है। सरकार की ओर से भूमि सुधार संशोधन अनैतिक व अन्यायपूर्ण है। इस अवसर पर हरिंद्र कुमार, तपेश्वर राम, मनिराम, आरपी राम, म़ुंशी प्रेमचंद मौजूद थे।