मधुबन। स्थानीय तहसील क्षेत्र के 19 किमी लंबे मधुबन-दोहरीघाट मार्ग का निर्माण कार्य वर्षो से अधूरा पड़ा है। लगभग चार साल पूर्व लाखों की लागत से सड़क बननी थी। सड़क काफी समतल और चौड़ी तो बनी। लेकिन बहरामपुर से जजौली तक मात्र एक किमी सड़क संबंधित ठेकेदार ने बजट के अभाव में हाथ खड़ा कर दिया। यहां पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी बजट का रोना रोकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। चार वर्ष पूर्व 19 किमी लंबा मधुबन-दोहरीघाट मार्ग पर निर्माण कार्य शुरु हुआ था तो लोगों में बेहतर आवागमन की आस जगी थी। विभागीय लापरवाही के चलते 18 किमी सड़क ही बन पाई। एक किमी सड़क अधूरी पड़ी रहने से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के जय प्रकाश यादव, विनोद पाल, सुनील मौर्य, राजा राम आदि का कहना था कि दोहरीघाट से मधुबन के बीच यह सड़क कुछ हद तक ठीक है। जिस पर यात्रा काफी राहत भरा रहता है। लेकिन मात्र एक किमी सड़क अधूरी होने से यात्रा कष्टदायक रहता है। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता बाबूलाल का कहना था कि बजट के अभाव में सड़क का निर्माण रुका हुआ है। बजट की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही अधूरे सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा।

पहली पाली की परीक्षा देकर निकलते छात्र-संवाद

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