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कम आवक ने बढ़ाया आलू-टमाटर के भाव
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मऊ/मधुबन। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण से लोगों पहले से चितिंत बने हुए हैं। ऐसे में बीते कई दिनों से आलू-टमाटर के बढ़े दामों ने घरों के किचन का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है। इन दोनों सब्जियों के दाम 15 दिनों में 20 रुपये तक बढ़े हैं। इसके पीछे व्यापारी इन दोनों की आखिरी सीजन तथा कम आवक होना बता रहे हैं।
मधुबन नगर पंचायत के सब्जी मंडी व्यापारी राजेश मल्ल ने बताया कि वर्तमान में आलू 35-40 रुपये किलो के दर से बिक रहा है। जबकि यही आलू 15 दिन पहले 25 से 30 रुपये किलो के दर से बिका था। वहीं टमाटर भी वर्तमान में 60 रुपये किलो के दर से बिक रहा है, जबकि यह पहले 40 से 45 रुपये किलो के दर से बिका है। पिछले कई दिनों से हर सब्जियों में घुलमिल जाने वाली यह दोनों सब्जियों के बढे़ दामों ने गृहणियों के चेहरे पर चिंता की लकीरे ला दिया। मधुबन निवासी नीलम महाजन और घोसी निवासी रोशनी सिंह ने बताया ने टमाटर-आलू के बढ़े दाम से किचिन का बजट गड़बड़ हो गया है। बोली कि वह इन दोनों सब्जियों के बजाए हरी सब्जियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। वहीं व्यापारी राजेश मल्ल, गोविंद्र यादव ने बताया कि आलू-टमाटर के बढ़े दामों के पीछे कम आवक तथा सीजन नहीं होना है।
सकारात्मक : हरी सब्जियों के दाम में आई गिरावट
मऊ। सब्जी व्यापारी राजेश मल्ल ने बताया कि भले ही आलू-टमाटर के दामों में वृद्धि हुई है। लेकिन बीते 15 दिनों में हरी सब्जियों के दामों में भी गिरावट आई है। बोले कि जहां 15 दिन पहले भिंडी 40 रुपये किलो की दर से बिक रही थी, वर्तमान में 30, वहीं नेनुआ इस समय 28-30 रुपये किलो के दर से बिक रहा है। जबकि पहले यह 35-40 रुपये किलो के दर से बिका। इसी तरह से करैला 40 रुपये के सापेक्ष वर्तमान में 30, हरीमिर्च 80 रुपये किलो के सापेक्ष 60 रुपये किलो की दर से बिक रही है।
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मधुबन नगर पंचायत के सब्जी मंडी व्यापारी राजेश मल्ल ने बताया कि वर्तमान में आलू 35-40 रुपये किलो के दर से बिक रहा है। जबकि यही आलू 15 दिन पहले 25 से 30 रुपये किलो के दर से बिका था। वहीं टमाटर भी वर्तमान में 60 रुपये किलो के दर से बिक रहा है, जबकि यह पहले 40 से 45 रुपये किलो के दर से बिका है। पिछले कई दिनों से हर सब्जियों में घुलमिल जाने वाली यह दोनों सब्जियों के बढे़ दामों ने गृहणियों के चेहरे पर चिंता की लकीरे ला दिया। मधुबन निवासी नीलम महाजन और घोसी निवासी रोशनी सिंह ने बताया ने टमाटर-आलू के बढ़े दाम से किचिन का बजट गड़बड़ हो गया है। बोली कि वह इन दोनों सब्जियों के बजाए हरी सब्जियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। वहीं व्यापारी राजेश मल्ल, गोविंद्र यादव ने बताया कि आलू-टमाटर के बढ़े दामों के पीछे कम आवक तथा सीजन नहीं होना है।
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सकारात्मक : हरी सब्जियों के दाम में आई गिरावट
मऊ। सब्जी व्यापारी राजेश मल्ल ने बताया कि भले ही आलू-टमाटर के दामों में वृद्धि हुई है। लेकिन बीते 15 दिनों में हरी सब्जियों के दामों में भी गिरावट आई है। बोले कि जहां 15 दिन पहले भिंडी 40 रुपये किलो की दर से बिक रही थी, वर्तमान में 30, वहीं नेनुआ इस समय 28-30 रुपये किलो के दर से बिक रहा है। जबकि पहले यह 35-40 रुपये किलो के दर से बिका। इसी तरह से करैला 40 रुपये के सापेक्ष वर्तमान में 30, हरीमिर्च 80 रुपये किलो के सापेक्ष 60 रुपये किलो की दर से बिक रही है।
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