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वादकारी समिति और अधिवक्ता संघ आमने सामने
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मुहम्मदाबाद गोहना। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में एसडीएम और अधिवक्ता के बीच हुए वाद-विवाद को लेकर वकील 16 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच मंगलवार को यूपी वादकारी कल्याण समिति के बैनर तले लगभग 50 की संख्या में आए लोगों ने एसडीएम के पक्ष में और अधिवक्ताओं के खिलाफ नारेबाजी किया। अपने खिलाफ नारेबाजी होता देख अधिवक्ता भी उग्र हो गए। दोनों पक्ष आमने सामने आकर एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
अधिवक्ता संघ का कहना है कि एसडीएम ने भाड़े के लोगों को बुलाकर अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन को कमजोर करने का प्रयास किया है। वादकारी समिति का कहना है कि धरना की आड़ में न्यायालयों के कार्य बाधित कर वादकारियों का शोषण किया जा रहा है। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में विगत 14 जनवरी को किसी बात को लेकर स्थानीय बार सदस्य अर्शे आलम और एसडीएम आशुतोष राय के बीच विवाद हो गया। मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया।
मंगलवार को अधिवक्ता धरना पर बैठे थे इसी बीच वादकारी कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत राय के नेतृत्व में 50-60 की संख्या में आए लोगों ने एसडीएम और वादकारियों के पक्ष में नारेबाजी करना शुरू कर दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने भी अपने पक्ष और एसडीएम के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दिया। दोनों पक्ष नारेबाजी कर एक दूसरे के सामने आ गए। इसके पहले कि मामला बिगड़ता मौके पर मौजूद कोतवाल और अन्य दर्जनों पुलिसकर्मियों ने दोनो पक्षो को समझा बुझाकर वहां से हटा दिया।
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वादकारी समिति के विरोध और वकीलों के खिलाफ नारेबाजी के बाद अधिवक्ताओं ने आपात बैठक कर घटना की निंदा किया। बार के अध्यक्ष खालिद जमाल और मंत्री लालबहादुर ने कहा कि मुट्ठी भर भाड़े के लोगों को बुलाकर अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन को बदनाम करने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि बाहर से अराजक तत्वों को बुलाकर वकीलों से विवाद कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अधिवक्ता धैर्य के साथ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। कहा कि एसडीएम के खिलाफ मुकदमा और स्थानांतरण तक अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान, आरपी राय, महेंद्र राय, महेश यादव, आबिद एजाज, लल्लन सिंह, राजकुमार पासवान, संतोष श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, इनाम खान, आफताब, भागवत, अर्शे आलम आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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अधिवक्ता संघ का कहना है कि एसडीएम ने भाड़े के लोगों को बुलाकर अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन को कमजोर करने का प्रयास किया है। वादकारी समिति का कहना है कि धरना की आड़ में न्यायालयों के कार्य बाधित कर वादकारियों का शोषण किया जा रहा है। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में विगत 14 जनवरी को किसी बात को लेकर स्थानीय बार सदस्य अर्शे आलम और एसडीएम आशुतोष राय के बीच विवाद हो गया। मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया।
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मंगलवार को अधिवक्ता धरना पर बैठे थे इसी बीच वादकारी कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत राय के नेतृत्व में 50-60 की संख्या में आए लोगों ने एसडीएम और वादकारियों के पक्ष में नारेबाजी करना शुरू कर दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने भी अपने पक्ष और एसडीएम के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दिया। दोनों पक्ष नारेबाजी कर एक दूसरे के सामने आ गए। इसके पहले कि मामला बिगड़ता मौके पर मौजूद कोतवाल और अन्य दर्जनों पुलिसकर्मियों ने दोनो पक्षो को समझा बुझाकर वहां से हटा दिया।
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वादकारी समिति के विरोध और वकीलों के खिलाफ नारेबाजी के बाद अधिवक्ताओं ने आपात बैठक कर घटना की निंदा किया। बार के अध्यक्ष खालिद जमाल और मंत्री लालबहादुर ने कहा कि मुट्ठी भर भाड़े के लोगों को बुलाकर अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन को बदनाम करने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि बाहर से अराजक तत्वों को बुलाकर वकीलों से विवाद कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अधिवक्ता धैर्य के साथ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। कहा कि एसडीएम के खिलाफ मुकदमा और स्थानांतरण तक अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान, आरपी राय, महेंद्र राय, महेश यादव, आबिद एजाज, लल्लन सिंह, राजकुमार पासवान, संतोष श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, इनाम खान, आफताब, भागवत, अर्शे आलम आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।