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Mau News: तमसा में उफान से खिंची चिंता की लकीरें,बाढ़ का खतरा
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सरयू के साथ तमसा में उफान से लोगाें के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तमसा नदी में लंबे समय बाद जलस्तर में तेजी आई है। जलस्तर में 24 घंटे में 40 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि अभी तमसा खतरे के निशान से 3.26 मीटर नीचे है।
नाले की शक्ल में बह रही तमसा नदी रौद्र रूप धारण करती जा रही है। नदी का पानी नगर का निषाद नगर, मड़ैयाघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट, बम घाट सहित विभिन्न घाटों सहित कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के नौसेमर मंदिर, रतनपुरा सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी की तेज लहरों से कटान का खतरा बढ़ गया है। मुहम्मदाबादगोहना कस्बा में तमसा का जलस्तर 19 साल बाद बढ़ा है। लंबे समय बाद नदी मेें बाढ़ आने के चलते ग्रामीण इलाकाें में नदी के कहर के चलते किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा तो किसानों के मेहनत कमाई की फसल जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो सोमवार को तमसा नदी का जलस्तर 64.10 मीटर रिकार्ड किया गया। रविवार को 63.70मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में 40 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि तमसा नदी का खतरा बिंदु 67.36 मीटर है। जिला प्रशासन की तरफ से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बंधों पर नजर रखने के लिए अलर्ट मोड मेें रहने का दिशा निर्देश जारी किया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है।
लाल निशान की ओर सरयू, तटवर्ती बस्तियों में खौफ
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान की ओर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती इलाकाें के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। 24 घंटे में जलस्तर में 20 सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई।
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सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे में नदी का जलस्तर खतरा बिंदु के नजदीक पहुंचने से नगर सही तटवर्ती इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी है। इससे नगर के मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर खतरे की जद में आ गया है। वही तटवर्ती इलाके में पुनः पानी के घुसने की आशंका से किसानों को अपनी मेहनत कमाई की फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। सोमवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 69.60 मीटर रहा।रविवार को जलस्तर 69.40 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।
माइनर टूटने से 25 एकड़ फसल जलमग्न:
सूरजपुर। कई दिनों से हो रही बारिश के बीच सिकड़ीकोल गांव के पास माइनर टूटने से कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं 25 एकड़ से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिकड़ीकोल माइनर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से गुजरी है। किसानों के अनुसार कई दिनों से हो रही बारिश और माइनर में एक जगह टूट जाने से माइनर का पानी पानी फैल जाने से खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। कई संपर्क मार्गो पर पानी भर रगा है। इस संबंध में क्षेत्र के जगदीश प्रसाद, महेंद्र यादव, संतोष सिंह, धनुषधारी भारती, ओमप्रकाश राव, राजेंद्र यदुवंशी, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र गोंड, सत्यानंद कुमार, दुर्गावती देवी का कहना है कि फसल क्षति का आकलन कराकर मुआवजा दिलाया जाए।
एडीएम ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण, बाढ़ चौकियां अलर्ट
दोहरीघाट। अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गौरी शंकर घाट (दोहरी घाट), मुक्तिधाम शवदाह स्थल, तटवर्ती क्षेत्रों में कटान की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग को खिसके बोल्डरों को तत्काल ठीक कराए जाने का निर्देश दिया।
मुक्तिधाम के कटान वाले क्षेत्र में शरणार्थी शिविर में बाढ़ के पूर्व सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए उन्होंने कहा। इसके अलावा बच्चों को ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने, ओवरलोडेड नौकाओं का संचन न करने, नदियों नहरों या अन्य स्रोतों के पास लिखी हुई चेतावनी की अवहेलना करने से रोकने की हिदायत भी दी।
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नाले की शक्ल में बह रही तमसा नदी रौद्र रूप धारण करती जा रही है। नदी का पानी नगर का निषाद नगर, मड़ैयाघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट, बम घाट सहित विभिन्न घाटों सहित कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के नौसेमर मंदिर, रतनपुरा सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी की तेज लहरों से कटान का खतरा बढ़ गया है। मुहम्मदाबादगोहना कस्बा में तमसा का जलस्तर 19 साल बाद बढ़ा है। लंबे समय बाद नदी मेें बाढ़ आने के चलते ग्रामीण इलाकाें में नदी के कहर के चलते किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा तो किसानों के मेहनत कमाई की फसल जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो सोमवार को तमसा नदी का जलस्तर 64.10 मीटर रिकार्ड किया गया। रविवार को 63.70मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में 40 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि तमसा नदी का खतरा बिंदु 67.36 मीटर है। जिला प्रशासन की तरफ से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बंधों पर नजर रखने के लिए अलर्ट मोड मेें रहने का दिशा निर्देश जारी किया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है।
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लाल निशान की ओर सरयू, तटवर्ती बस्तियों में खौफ
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान की ओर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती इलाकाें के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। 24 घंटे में जलस्तर में 20 सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई।
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सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे में नदी का जलस्तर खतरा बिंदु के नजदीक पहुंचने से नगर सही तटवर्ती इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी है। इससे नगर के मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर खतरे की जद में आ गया है। वही तटवर्ती इलाके में पुनः पानी के घुसने की आशंका से किसानों को अपनी मेहनत कमाई की फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। सोमवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 69.60 मीटर रहा।रविवार को जलस्तर 69.40 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।
माइनर टूटने से 25 एकड़ फसल जलमग्न:
सूरजपुर। कई दिनों से हो रही बारिश के बीच सिकड़ीकोल गांव के पास माइनर टूटने से कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं 25 एकड़ से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिकड़ीकोल माइनर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से गुजरी है। किसानों के अनुसार कई दिनों से हो रही बारिश और माइनर में एक जगह टूट जाने से माइनर का पानी पानी फैल जाने से खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। कई संपर्क मार्गो पर पानी भर रगा है। इस संबंध में क्षेत्र के जगदीश प्रसाद, महेंद्र यादव, संतोष सिंह, धनुषधारी भारती, ओमप्रकाश राव, राजेंद्र यदुवंशी, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र गोंड, सत्यानंद कुमार, दुर्गावती देवी का कहना है कि फसल क्षति का आकलन कराकर मुआवजा दिलाया जाए।
एडीएम ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण, बाढ़ चौकियां अलर्ट
दोहरीघाट। अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गौरी शंकर घाट (दोहरी घाट), मुक्तिधाम शवदाह स्थल, तटवर्ती क्षेत्रों में कटान की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग को खिसके बोल्डरों को तत्काल ठीक कराए जाने का निर्देश दिया।
मुक्तिधाम के कटान वाले क्षेत्र में शरणार्थी शिविर में बाढ़ के पूर्व सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए उन्होंने कहा। इसके अलावा बच्चों को ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने, ओवरलोडेड नौकाओं का संचन न करने, नदियों नहरों या अन्य स्रोतों के पास लिखी हुई चेतावनी की अवहेलना करने से रोकने की हिदायत भी दी।