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शीतलहर के कहर से प्रभावित रहा जनजीवन
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मऊ। बृहस्पतिवार को सुबह से ही बदली छाए रहने तथा बर्फीली हवा चलने के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह लगभग 10 बजे के बाद हल्की धूप निकली, लेकिन बर्फीली हवा के आगे बेअसर साबित हो रही थी।ठंड के चलते लोगों को ठिठुरते देखा गया।
शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बृहस्पतिवार को तड़के से ही आकाश में बादल छाए रहे। बर्फीली हवा चलने से लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। सुबह अपने काम पर जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। बदली छाए रहने तथा बर्फीली हवा चलने से लोग अलाव या घर में दुबकने को विवश हो जा रहे थे। सुबह 10 बजे के बाद धूप निकली, लेकिन हवा चलने के चलते असर नहीं हो रहा था। गर्म कपड़ों में पैक दिखे।
बृहस्पतिवार को तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 56 प्रतिशत रही। जबकि 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। कई दिनों से शीतलहर का कहर चलने के चलते रिक्शा, ठेला, खोमचा तथा पटरी दुकानदारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। बर्फीली हवाओं के चलने से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। शाम होते ही पटरी दुकानदार अपना दुकान समेट कर घर जाने को मजबूर हो जा रहे हैं। बदली तथा कोहरा छाए रहने से दलहनी तथा तिलहनी फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ जाने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
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शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बृहस्पतिवार को तड़के से ही आकाश में बादल छाए रहे। बर्फीली हवा चलने से लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। सुबह अपने काम पर जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। बदली छाए रहने तथा बर्फीली हवा चलने से लोग अलाव या घर में दुबकने को विवश हो जा रहे थे। सुबह 10 बजे के बाद धूप निकली, लेकिन हवा चलने के चलते असर नहीं हो रहा था। गर्म कपड़ों में पैक दिखे।
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बृहस्पतिवार को तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 56 प्रतिशत रही। जबकि 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। कई दिनों से शीतलहर का कहर चलने के चलते रिक्शा, ठेला, खोमचा तथा पटरी दुकानदारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। बर्फीली हवाओं के चलने से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। शाम होते ही पटरी दुकानदार अपना दुकान समेट कर घर जाने को मजबूर हो जा रहे हैं। बदली तथा कोहरा छाए रहने से दलहनी तथा तिलहनी फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ जाने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
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