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Mau News: चार तन्हाई बैरक, वॉच टावर के साथ कैदियों के लिए बनेगा पुस्तकालय, बजट स्वीकृत
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मऊ। क्षमता से ढाई गुना बंदियों के तादाद वाली जिला जेल के बंदियों के लिए अच्छी खबर है। शासन की ओर से इस समस्या को लेकर परिसर में 120 कैदियों के लिए नया बैरक बनाया जा रहा है। वहीं कुख्यात कैदियों के चार तन्हाई बैरक, वॉचर टावर के साथ कैदियों के लिए पुस्तकालय बनाने के लिए दो करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। वहीं पुस्तकालय बनने से पहले डीएम की ओर से कैदियों के लिए 76 किताबें भी भेजी जा चुकी हैं। उधर, इस नए कार्य से जिला जेल में न केवल बंदियों के रखने की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि दूसरी सुविधाओं के रहने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
बतातें चले कि 540 बंदियों की क्षमता वाली जेल में वर्तमान समय में 989 से बंदी निरुद्ध हैं। क्षमता से दोगुना अधिक बंदी होने से बंदियों को कई तरह के परेशानियों का सामान करना पड़ता है। इससे निजात पाने क लिए जेल प्रशासन ने छह माह पूर्व ही दो प्रस्ताव भेजा था, इसमें 120 कैदियों के लिए नया बैरक बनाने की मांग की गई थी। जहां से शासन स्तर से एक करोड़ से ज्यादा राशि से बजट अवमुक्त होने के बाद इसका कार्य कराया जा रहा है। इस बीच शासन की ओर से पांच नए काम को लेकर भी जिला जेल को दो करोड़ 40 लाख का प्रस्ताव की स्वीकृति को मंजूरी दे दी है। जेलर आनंद शुक्ला ने बताया कि नई स्वीकृति के तहत कुख्यात कैदियों के चार तन्हाई बैरक बनाया जाएगा, वर्तमान में जेल में एक भी तन्हाई बैरक नहीं है। इसके अलावा कैदियों में पढ़ने लिखने का शौक बढ़ाने के उद्देश्य से पुस्तकालय बनाए जाने की योजना है। बताया कि इसको लेकर जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की ओर से 76 अलग-अलग लेखकों की किताबें भेजी गई है, साथ ही खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। बताया कि इसी प्रस्ताव के तहत वॉच टावर के साथ छह शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा।
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660 होगी बंदियों की क्षमता, सुरक्षा भी होगी मजबूत
मऊ। वॉच टावर बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तो वहीं नई बैरक बनने से बंदियों की क्षमता बढ़ेगी। नए बैरक निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 120 बंदियों को इसमें व्यवस्थित कर दिया जाएगा। बताते चलें कि वर्ष 2016 मॉडल प्रीजन मैनुअल में क्षमता का निर्धारण नए सिरे से किया गया। इसमें प्रत्येक कैदी को 3.7 वर्ग मीटर में रहने की व्यवस्था बनाई गई। इसकी क्षमता बढ़कर 681 हो गई थी। बताते चलें कि बीते 19 जुलाई को बाढ़ के दौरान बलिया जिला जेल में पानी घुस गया था। इसकी वजह से वहां से बंदियों को भेजा गया था, यहां बंदियों की संख्या में ओर बढ़ोतरी हो गई थी।
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बतातें चले कि 540 बंदियों की क्षमता वाली जेल में वर्तमान समय में 989 से बंदी निरुद्ध हैं। क्षमता से दोगुना अधिक बंदी होने से बंदियों को कई तरह के परेशानियों का सामान करना पड़ता है। इससे निजात पाने क लिए जेल प्रशासन ने छह माह पूर्व ही दो प्रस्ताव भेजा था, इसमें 120 कैदियों के लिए नया बैरक बनाने की मांग की गई थी। जहां से शासन स्तर से एक करोड़ से ज्यादा राशि से बजट अवमुक्त होने के बाद इसका कार्य कराया जा रहा है। इस बीच शासन की ओर से पांच नए काम को लेकर भी जिला जेल को दो करोड़ 40 लाख का प्रस्ताव की स्वीकृति को मंजूरी दे दी है। जेलर आनंद शुक्ला ने बताया कि नई स्वीकृति के तहत कुख्यात कैदियों के चार तन्हाई बैरक बनाया जाएगा, वर्तमान में जेल में एक भी तन्हाई बैरक नहीं है। इसके अलावा कैदियों में पढ़ने लिखने का शौक बढ़ाने के उद्देश्य से पुस्तकालय बनाए जाने की योजना है। बताया कि इसको लेकर जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की ओर से 76 अलग-अलग लेखकों की किताबें भेजी गई है, साथ ही खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। बताया कि इसी प्रस्ताव के तहत वॉच टावर के साथ छह शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा।
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660 होगी बंदियों की क्षमता, सुरक्षा भी होगी मजबूत
मऊ। वॉच टावर बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तो वहीं नई बैरक बनने से बंदियों की क्षमता बढ़ेगी। नए बैरक निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 120 बंदियों को इसमें व्यवस्थित कर दिया जाएगा। बताते चलें कि वर्ष 2016 मॉडल प्रीजन मैनुअल में क्षमता का निर्धारण नए सिरे से किया गया। इसमें प्रत्येक कैदी को 3.7 वर्ग मीटर में रहने की व्यवस्था बनाई गई। इसकी क्षमता बढ़कर 681 हो गई थी। बताते चलें कि बीते 19 जुलाई को बाढ़ के दौरान बलिया जिला जेल में पानी घुस गया था। इसकी वजह से वहां से बंदियों को भेजा गया था, यहां बंदियों की संख्या में ओर बढ़ोतरी हो गई थी।

.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद

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