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न्यायिक कार्य से विरत रहे वकील
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:48 PM IST
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कौशांबी में गुरुवार को कचहरी से घर लौटते वक्त अधिवक्ता उमेश चंद्र मिश्रा की हत्या की जिले के अधिवक्ताओं ने कड़ी निंदा की और न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय को सौंपा।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें अधिवक्ता की हत्या पर दुख व्यक्त किया और घटना की निंदा की गई। दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर घटना के विरोध में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया। अध्यक्षता शमसुल हसन की। संचालन महामंत्री दारोगा सिंह ने किया। उधर, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की अध्यक्ष बीबी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया।
संचालन महामंत्री अतुल राय ने किया। इसके बाद अध्यक्ष व महामंत्री के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जूलूस निकाला। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौपा, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी और मारे गए अधिवक्ता के परिवार वालों को 50 लाख रुपया की सहायता देने की मांग की गई है।
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तहसील सदर बार के अधिवक्ताओं ने भी उक्त घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मुकदमों की पैरवी करने आए फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दूर से आए फरियादी परेशान हाल कचहरी में घूमते रहे और शाम को घर लौट गए।
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सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें अधिवक्ता की हत्या पर दुख व्यक्त किया और घटना की निंदा की गई। दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर घटना के विरोध में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया। अध्यक्षता शमसुल हसन की। संचालन महामंत्री दारोगा सिंह ने किया। उधर, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की अध्यक्ष बीबी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया।
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संचालन महामंत्री अतुल राय ने किया। इसके बाद अध्यक्ष व महामंत्री के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जूलूस निकाला। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौपा, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी और मारे गए अधिवक्ता के परिवार वालों को 50 लाख रुपया की सहायता देने की मांग की गई है।
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तहसील सदर बार के अधिवक्ताओं ने भी उक्त घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मुकदमों की पैरवी करने आए फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दूर से आए फरियादी परेशान हाल कचहरी में घूमते रहे और शाम को घर लौट गए।