मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों पर बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों को पूरा रखें। उन्होंने इस वर्ष बाढ़ नियंत्रण को लेकर तैयारियों की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि जिले में बाढ़ से बचाव को लेकर वर्तमान में पांच परियोजनाएं हैं, जिसमें चार पूरी हो चुकी है। एक परियोजना हथनी बांध का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं चिउटीदाढ़ कटाव निरोधक परियोजना, जो आजमगढ़ खंड के तहत है, वह 85 प्रतिशत पूरी हो गई है। बताया कि 52650 ईसी बैग, 1846 जीओ बैग तथा 530 घन मीटर स्टोन बोल्डर स्टॉक में रखे गए हैं। बाढ़ चौकियां जून में ही बना दी गई हैं, जिसकी मानीटरिंग की जा रही है।
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग द्वारा स्थापित बाढ़ चौकियों एवं पुलिस द्वारा स्थापित कुल बाढ़ चौकियों के बारे में भी जानकारी ली। बाढ़ से संबंधित सभी विभागों से तैयारियां पूरी रखने को कहा। उन्होंने तहसील मधुबन एवं घोसी में विस्थापित लोगों के रहने हेतु स्थानों की जानकारी ली, साथ उन्हें खाद्यान्न पैकेटों के तत्काल वितरण के भी निर्देश दिए। कहा कि कहीं से भी शिकायत मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने बाढ़ के दौरान शासन की तरफ से दी जाने वाली राहत सामग्रियों के वितरण के रिकॉर्ड भी रखने के निर्देश दिए। साथ ही फर्जी डाटा फीडिंग से भी बचने की हिदात दी। बैठक में एडीएम भानु प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवननाथ त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता जल निगम एमए किदवई,अधिशासी अभियंता नलकूप एवं समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त तहसीलदार आदि मौजूद रहे।