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जिले में अब तक सिर्फ दो निर्दलीय बने विधायक

Thu, 24 Feb 2022 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:35 PM IST
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jile mein ab tak sirph do nirdaleey bane vidhaayak
मऊ। प्रदेश में अब तक 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन जिले में केवल तीन मौके ही ऐसे आए हैं, जब बड़ी पार्टियों के नामचीन लोगों को पटखनी देकर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत का परचम फहराया है।
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मऊ जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में सदर विधानसभा एक मात्र सीट है, जहां तीन बार निर्दलियों ने झंडा बुलंद किया है। सबसे पहले 1980 में निर्दलीय खैरुल बशर ने 19,499 मत प्राप्त कर कांग्रेस आई के सुहेल अहमद को 2042 वोटों से पटखनी देकर पहला निर्दलीय विजेता होने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद सभी चुनाव में सभी सीटों से काफी संख्या में निर्दलीय अपनी किस्मत आजमाते रहे, लेकिन 2002 के चुनाव में मुख्तार अंसारी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी पहली और जनपद में दूसरी बार जीत दर्ज कराई। उन्होंने 70,687 मत प्राप्त करते हुए समता पार्टी की सीता राय को 33,042 मतों से पराजित किया था। इसके बाद लगातार दूसरी बार 2007 में भी उन्होंने निर्दलीय ही अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा। इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 70,226 मत प्राप्त किया और उन्होंने बीएसपी के विजय प्रताप सिंह 7,018 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद मुख्तार अंसारी वर्ष 2012 में कौमी एकता दल से और वर्ष 2017 में बसपा के टिकट से विधायक बने थे।
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