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रुक-रुक कर होती रही बारिश
Wed, 23 Jan 2019 11:30 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 23 Jan 2019 11:30 PM IST
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नगर के चकमेंहदी में बारिश के बाद लगा पानी।
- फोटो : mau
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जिले में बारिश ने एक बार फिर ठंड बढ़ा दी। पारा नीचे आने से सर्द हवाएं चलती रहीं। बरसात से हुई फिसलन के चलते दुपहिया वाहन सवार चोटिल हुए। हालांकि बरसात को लेकर किसानों में प्रसन्नता रही। जानकार बारिश को गेंहू की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे। उधर, ठंड बढ़ने से लोग अलावा का सहारा लेते देखे गए। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी आम दिनों कम रही।
बुधवार को बरसात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम पारा 12 डिग्री पर पहुंच गया। तड़के से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। 10 बजे तक गरज और बिजली चमकने के बीच बारिश होने लगी। हालांकि रुक -रुक कर हुई बारिश से लोग परेशान रहे। सड़कों पर स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चे भींग गए। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। बारिश होने से मुख्य मार्ग सहित ग्रामीण इलाकों के संपर्क मार्गो पर फिसलन होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। उधर, किसान बरसात से खुश दिखे। कृषि विशेषज्ञ बारिश को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि हल्की बारिश फसलों खासकर गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। हल्की बारिश फसलों में खाद की तरह काम करेगी। जिन खेतों मेें सिंचाई एक दो दिन पहले की गई है वहां जलजमाव नहीं होना चाहिए। जलनिकासी का प्रबंध करना चाहिए। पिपरीडीह : क्षेत्र के पिपरी, उस्मानपुर, रैकवारडीह, सुअराबोझ सहित विभिन्न इलाकों में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। मुख्य मार्ग पर फिसलन होने से लोग परेशान रहे।
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मधुबन : मौसम के बदले मिजाज से किसानों के चेहरे खिल गए। चट्टी चौराहों पर लोग अलाव जलाते नजर आए। गेहूं, चना, मटर, सरसो के लिए इसे फायदेमंद बताया जा रहा। किसान हरिओम मौर्य, शंशाक तिवारी, प्रमोद यादव ने बताया कि अब बारिश से उनकी फसलों को संजीवनी मिल सकेगी।
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बुधवार को बरसात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम पारा 12 डिग्री पर पहुंच गया। तड़के से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। 10 बजे तक गरज और बिजली चमकने के बीच बारिश होने लगी। हालांकि रुक -रुक कर हुई बारिश से लोग परेशान रहे। सड़कों पर स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चे भींग गए। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। बारिश होने से मुख्य मार्ग सहित ग्रामीण इलाकों के संपर्क मार्गो पर फिसलन होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। उधर, किसान बरसात से खुश दिखे। कृषि विशेषज्ञ बारिश को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि हल्की बारिश फसलों खासकर गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। हल्की बारिश फसलों में खाद की तरह काम करेगी। जिन खेतों मेें सिंचाई एक दो दिन पहले की गई है वहां जलजमाव नहीं होना चाहिए। जलनिकासी का प्रबंध करना चाहिए। पिपरीडीह : क्षेत्र के पिपरी, उस्मानपुर, रैकवारडीह, सुअराबोझ सहित विभिन्न इलाकों में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। मुख्य मार्ग पर फिसलन होने से लोग परेशान रहे।
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मधुबन : मौसम के बदले मिजाज से किसानों के चेहरे खिल गए। चट्टी चौराहों पर लोग अलाव जलाते नजर आए। गेहूं, चना, मटर, सरसो के लिए इसे फायदेमंद बताया जा रहा। किसान हरिओम मौर्य, शंशाक तिवारी, प्रमोद यादव ने बताया कि अब बारिश से उनकी फसलों को संजीवनी मिल सकेगी।