{"_id":"689ce228860e04d3bd01743c","slug":"interlocking-made-at-a-cost-of-rs-25-lakhs-collapsed-within-seven-months-mau-news-c-295-1-mau1002-132120-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सात महीने में ही धंस गई 25 लाख से बनी इंटरलॉकिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सात महीने में ही धंस गई 25 लाख से बनी इंटरलॉकिंग
विज्ञापन
वार्ड चार के पारा में धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद
- फोटो : samvad
कोपागंज। कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत के वार्ड-4 पारा में 25 लाख रुपये से बनी इंटरलॉकिंग सड़क सात महीने में ही धंस गई। मंगलवार रात तेज बारिश के दौरान किनारे की दीवार ढही फिर 20 मीटर तक पूरा रास्ता धंस गया। इससे मुहल्ले के करीब 1500 लोगों का आवागमन प्रभावित है। मुहल्ले के मौलवी वहीद, असहद, अरबाज ने नगर पंचायत के अवर अभियंता और ठेकेदार पर मानक के विपरीत काम कराने का आरोप लगाया है। बताया कि निर्माण के समय नीचे बिना गिट्टी डाले ही बालू बिछाकर इंटरलॉकिंग बिछा दी गई। इस दौरान अवर अभियंता हो रहे कार्य का निरीक्षण करने कभी नहीं आए। सभासद परवेज अंसारी ने बताया कि सात माह पहले 25 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का निर्माण हुआ था। ठेकेदार निर्माण में अनियमितता बरती थी, इसकी शिकायत कई जगहों पर की गई थी। बावजूद कोई अधिकारी देखने नहीं आया और काम पूरा हो गया। अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर मरम्मत कराने की मांग की है। अधिशासी अधिकारी देवेश मिश्रा ने बताया कि क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग की सूचना मिलते ही अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। समय से मरम्मत न होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी है।
-- -- -- -- -- -
इनसेट -
बसियाराम गांव में दो महीने से धंसी है 50 मीटर इंटरलॉकिंग
सूरजपुर। दोहरीघाट ब्लॉक के बसियाराम गांव में 50 मीटर इंटरलॉकिंग दो माह पहले धंस गई। लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई है। 14 साल पहले आठ लाख रुपये की लागत से 200 मीटर इंटरलॉकिंग का निर्माण हुआ था। एक जगह चार साल पहले धंस गया था। एक हिस्सा दो माह पहले धंसा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ब्लॉक मुख्यालय पर शिकायत की गई, लेकिन मरम्मत नहीं हुई।
विज्ञापन
इनसेट -
बसियाराम गांव में दो महीने से धंसी है 50 मीटर इंटरलॉकिंग
सूरजपुर। दोहरीघाट ब्लॉक के बसियाराम गांव में 50 मीटर इंटरलॉकिंग दो माह पहले धंस गई। लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई है। 14 साल पहले आठ लाख रुपये की लागत से 200 मीटर इंटरलॉकिंग का निर्माण हुआ था। एक जगह चार साल पहले धंस गया था। एक हिस्सा दो माह पहले धंसा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ब्लॉक मुख्यालय पर शिकायत की गई, लेकिन मरम्मत नहीं हुई।
विज्ञापन