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Mau News: 12 में से 10 आयुष्मान केंद्रों में नहीं मिलती योग की जानकारी
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जिले में योगासन से इलाज विधा को लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए जिले के नौ ब्लॉकों में 12 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। इसमें हर सेंटर पर बाकायदा दो योगाचार्यों की तैनाती की गई है। इसका मानदेय 5 से 8 हजार रुपये है, लेकिन इसमें एक पेंच यह सामने आ रहा हैं कि स्थानीय स्तर पर हुए इस भर्ती में जिले के योगाचार्य को प्राथमिकता न देकर दूसरे जिले के लोगों की तैनाती की गई है। उधर ऐसे कई सेंटर है जहां कई कई दिन तक कोई योगाचार्य ही नहीं पहुंच रहा है। गुरुवार को अमर उजाला की टीम ने पांच केंद्रों का पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई।
अमर उजाला टीम सबसे पहले रानीपुर ब्लॉक के करमी गांव पहुंची। यहां नौ बजे तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र पर ताला लटक रहा था। जबकि इस केंद्र पर एक महिला योग प्रशिक्षक की तैनाती है। इसी क्रम में टीम करहां स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र पर पहुंची। यहां पता चला कि इस केंद्र पर एक पुरुष और एक महिला योग प्रशिक्षक की तैनाती है, लेकिन यह लोग नहीं आए, ऐसे में कुछ लोगों ने बताया कि केंद्र खुलता तो नियमित है। लेकिन यहां योग को लेकर कोई कवायद नहीं होती है। वहीं, घोसी तहसील आयुर्वेदिक हॉस्पिटल मझवारा में आयुष्मान मंदिर जो कि भवन के खुले हुए हॉल में संचालित होता है। यहां भी कोई योग प्रशिक्षक नहीं मिला।
यहां भी एक महिला और एक पुरुष योग प्रशिक्षक है। स्थानीय ग्रामीण घुरा मद्धेशिया, धनंजय गुप्ता, पवन गुप्ता, नंदकिशोर यादव, राजाराम यादव आदि ने बताया कि यहां लोग कभी-कभी आते हैं स्थायी लोगों का कहना है कि हम लोगों को तो पता ही नहीं चलता है कि यहां कब योग प्रारंभ होता है कब नहीं। वहीं कासिमपुर में आयुष्मान मंदिर केंद्र पर योग प्रशिक्षक योगाभ्यास करते हुए मिले। सूत्रों की माने तो 12 आयुष्मान केंद्रों पर तैनात योग प्रशिक्षक में अधिकांश बाहरी जिले के निवासी है। इसमें तो कई सप्ताह में एक या दो दिन ही आते हैं। संवाद
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इन केंद्रों की निगरानी करने के लिए डीपीएम की तैनाती है, जिसका काम इन केंद्रों का नियमित जांच करनी होती है। लेकिन इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही मिलने से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।-डॉ.सतेंद्र साहु, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी
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अमर उजाला टीम सबसे पहले रानीपुर ब्लॉक के करमी गांव पहुंची। यहां नौ बजे तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र पर ताला लटक रहा था। जबकि इस केंद्र पर एक महिला योग प्रशिक्षक की तैनाती है। इसी क्रम में टीम करहां स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र पर पहुंची। यहां पता चला कि इस केंद्र पर एक पुरुष और एक महिला योग प्रशिक्षक की तैनाती है, लेकिन यह लोग नहीं आए, ऐसे में कुछ लोगों ने बताया कि केंद्र खुलता तो नियमित है। लेकिन यहां योग को लेकर कोई कवायद नहीं होती है। वहीं, घोसी तहसील आयुर्वेदिक हॉस्पिटल मझवारा में आयुष्मान मंदिर जो कि भवन के खुले हुए हॉल में संचालित होता है। यहां भी कोई योग प्रशिक्षक नहीं मिला।
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यहां भी एक महिला और एक पुरुष योग प्रशिक्षक है। स्थानीय ग्रामीण घुरा मद्धेशिया, धनंजय गुप्ता, पवन गुप्ता, नंदकिशोर यादव, राजाराम यादव आदि ने बताया कि यहां लोग कभी-कभी आते हैं स्थायी लोगों का कहना है कि हम लोगों को तो पता ही नहीं चलता है कि यहां कब योग प्रारंभ होता है कब नहीं। वहीं कासिमपुर में आयुष्मान मंदिर केंद्र पर योग प्रशिक्षक योगाभ्यास करते हुए मिले। सूत्रों की माने तो 12 आयुष्मान केंद्रों पर तैनात योग प्रशिक्षक में अधिकांश बाहरी जिले के निवासी है। इसमें तो कई सप्ताह में एक या दो दिन ही आते हैं। संवाद
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इन केंद्रों की निगरानी करने के लिए डीपीएम की तैनाती है, जिसका काम इन केंद्रों का नियमित जांच करनी होती है। लेकिन इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही मिलने से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।-डॉ.सतेंद्र साहु, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी