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बीज उत्पादन में भारत होगा अग्रणी
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 04 Apr 2015 10:47 PM IST
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बीज उत्पादन के क्षेत्र में अगले वर्ष तक भारत अग्रणी उत्पादक होगा। बीज अनुसंधान निदेशालय में हुई चर्चा के अनुसार भारत की वृद्धि 11.17 रहेगी।
कुशमौर स्थित बीज अनुसंधान निदेशालय मेें अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना राष्ट्रीय बीज परियोजना की 30वीं वार्षिक बैठक के दूसरे दिन प्रजनक बीज उत्पादन एवं बीज तकनीकी शोध पर चर्चा में यह बात कही गई।
इस दौरान केंद्रवार एवं अनुभागवार प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही लेखा परीक्षा एवं निगरानी रिपोर्ट की भी समीक्षा हुई।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डा. विजय सेंगर ने कहा कि वर्ष 1979-80 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने बीज पर अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना की शुरुआत की।
इससे बीज क्षेत्र में परिवर्तन आया और 1981-82 में प्रजनन बीज जो मात्र 3914 कुंतल था, वर्ष 2013-14 में बढ़कर 83432.15 कुंतल हो गया। भारतीय बीज उद्योग विश्व बीज बाजार में एक प्रभावशाली उद्यम बन चुका है।
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ऐसी उम्मीद की जाती है कि भारतीय बीज उद्योग 2016 तक 11.17 वृद्धि के साथ 3.2 बिलियन डालर की कमाई अर्जित करके अंतर्राष्ट्रीय बीज व्यापार में अच्छा कीर्तिमान स्थापित करेगा।
बीज प्रौद्योगिकी अनुसंधान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। कहा कि गेहूं प्रजातियों पर शोध का सार्थक परिणाम मिले हैं। मूंग और बरसीम की प्रजातियों पर भी चर्चा की गई। विभिन्न मौसमों में महत्वपूर्ण फसलों धान, सूर्यमुखी, ज्वार, मक्का, बाजरा, अरहर, जूट व अंडी के संकर बीज उत्पादन के लिए वैकल्पिक क्षेत्रों को ज्ञात किया गया।
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कुशमौर स्थित बीज अनुसंधान निदेशालय मेें अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना राष्ट्रीय बीज परियोजना की 30वीं वार्षिक बैठक के दूसरे दिन प्रजनक बीज उत्पादन एवं बीज तकनीकी शोध पर चर्चा में यह बात कही गई।
इस दौरान केंद्रवार एवं अनुभागवार प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही लेखा परीक्षा एवं निगरानी रिपोर्ट की भी समीक्षा हुई।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डा. विजय सेंगर ने कहा कि वर्ष 1979-80 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने बीज पर अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना की शुरुआत की।
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इससे बीज क्षेत्र में परिवर्तन आया और 1981-82 में प्रजनन बीज जो मात्र 3914 कुंतल था, वर्ष 2013-14 में बढ़कर 83432.15 कुंतल हो गया। भारतीय बीज उद्योग विश्व बीज बाजार में एक प्रभावशाली उद्यम बन चुका है।
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ऐसी उम्मीद की जाती है कि भारतीय बीज उद्योग 2016 तक 11.17 वृद्धि के साथ 3.2 बिलियन डालर की कमाई अर्जित करके अंतर्राष्ट्रीय बीज व्यापार में अच्छा कीर्तिमान स्थापित करेगा।
बीज प्रौद्योगिकी अनुसंधान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। कहा कि गेहूं प्रजातियों पर शोध का सार्थक परिणाम मिले हैं। मूंग और बरसीम की प्रजातियों पर भी चर्चा की गई। विभिन्न मौसमों में महत्वपूर्ण फसलों धान, सूर्यमुखी, ज्वार, मक्का, बाजरा, अरहर, जूट व अंडी के संकर बीज उत्पादन के लिए वैकल्पिक क्षेत्रों को ज्ञात किया गया।