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अंडरपास की मांग को लेकर बेमियादी धरना
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मुहम्मदाबाद गोहना। तहसील क्षेत्र के बरहदपुर गांव के पास रेल ट्रैक पर अंडर पास की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक के किनारे बेमियादी धरना शुरू कर दिया। धरना की जानकारी पर पहुंचे जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया बुझाया। लेकिन वह धरने पर अड़े रहे।
मुहम्मदाबाद गोहना और सठियांव रेलवे स्टेशनों के बीच बरहदपुर गांव के पास आवागमन के लिए रेल विभाग ने सालों पूर्व डगरा बनाया था। कुछ दिन पूर्व रेल महकमा ने उसे खोदकर तोड़ दिया। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी रेलवे ने उस मानव रहित क्रासिंग को बंद कर दिया। दस दिन पूर्व उक्त स्थान पर रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान रेल की चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई। जिस पर रेलवे अधिकारियों ने उक्त स्थान के दोनों तरफ बेरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। आवागमन की समस्या और रेल विभाग की मनमानी से नाराज गांव के सैकड़ों लोगों ने अंडरपास निर्माण को लेकर तहसील पर प्रदर्शन किया था और एसडीएम को ज्ञापन देकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई होता न देख शुक्रवार को ग्राम प्रधान कन्हैया सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण रेल ट्रैक के किनारे धरने पर बैठ गए। ग्राम प्रधान कन्हैया सिंह ने बताया कि उक्त स्थान पर रेलवे क्रॉसिंग बनाने को लेकर 3 जनवरी 1998 को तत्कालीन जिला अधिकारी महेश गुप्ता ने रेलवे बोर्ड के सचिव को पत्र लिखकर क्रासिंग बनाए जाने की संस्तुति दी और अपने स्तर से 35 लाख रुपए की मंजूरी भी प्रदान की थी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक अंडरपास बनाए जाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर पूर्व ग्राम प्रधान कल्पनाथ सिंह, सत्यवान सिंह, उदय प्रकाश, सुधीर, संग्राम, विनय कुमार मालती देवी, लक्ष्मी देवी, पूर्व प्रधान सविता देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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मुहम्मदाबाद गोहना और सठियांव रेलवे स्टेशनों के बीच बरहदपुर गांव के पास आवागमन के लिए रेल विभाग ने सालों पूर्व डगरा बनाया था। कुछ दिन पूर्व रेल महकमा ने उसे खोदकर तोड़ दिया। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी रेलवे ने उस मानव रहित क्रासिंग को बंद कर दिया। दस दिन पूर्व उक्त स्थान पर रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान रेल की चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई। जिस पर रेलवे अधिकारियों ने उक्त स्थान के दोनों तरफ बेरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। आवागमन की समस्या और रेल विभाग की मनमानी से नाराज गांव के सैकड़ों लोगों ने अंडरपास निर्माण को लेकर तहसील पर प्रदर्शन किया था और एसडीएम को ज्ञापन देकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई होता न देख शुक्रवार को ग्राम प्रधान कन्हैया सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण रेल ट्रैक के किनारे धरने पर बैठ गए। ग्राम प्रधान कन्हैया सिंह ने बताया कि उक्त स्थान पर रेलवे क्रॉसिंग बनाने को लेकर 3 जनवरी 1998 को तत्कालीन जिला अधिकारी महेश गुप्ता ने रेलवे बोर्ड के सचिव को पत्र लिखकर क्रासिंग बनाए जाने की संस्तुति दी और अपने स्तर से 35 लाख रुपए की मंजूरी भी प्रदान की थी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक अंडरपास बनाए जाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर पूर्व ग्राम प्रधान कल्पनाथ सिंह, सत्यवान सिंह, उदय प्रकाश, सुधीर, संग्राम, विनय कुमार मालती देवी, लक्ष्मी देवी, पूर्व प्रधान सविता देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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