{"_id":"57c1d2964f1c1bf638d4fd66","slug":"in-the-month-of-fifteen-days-fade-hearings-forum","type":"story","status":"publish","title_hn":"माह में पंद्रह दिन ही हो पाती है फोरम में सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माह में पंद्रह दिन ही हो पाती है फोरम में सुनवाई
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
sdf
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तरफ जहां उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से उपभोक्ता फोरम में महज 15 दिन ही सुनवाई हो पाती है। इसका परिणाम है बरवक्त फोरम में 463 मामले लंबित है। हालांकि फोरम के अध्यक्ष ने इस वर्ष सुनवाई करके 73 मामलों को निस्तारित किया है।
उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में उपभोक्ता फोरम स्थापित किया गया है। इसमें एक अध्यक्ष के साथ दो सदस्यों की तैनाती की गई है। इसके अलावा तीन कर्मचरियों का पद स्वीकृत है। लेकिन कर्मचारियों में एक ही लिपिक है। जबकि अध्यक्ष के पास मऊ के अलावा आजमगढ़ जिले का भी प्रभार है।
इसीक्रम में दो में से एक सदस्य रामचंद्र यादव को कौशांबी जिला से संबद्ध कर दिया गया है। ऐसे में यहां पर एक मात्र महिला सदस्य लालमुनि यादव ही है। अधिकारियों कर्मचारियों की कमी का परिणाम है कि महिने में मात्र 15 दिन ही सुनवाई होती है, इसमें भी सार्वजनिक अवकाश और रविवार को फोरम बंद रहता है।
विज्ञापन
सुनवाई न होने के कारण फोरम में बरवक्त 463 मामले लंबित है। बताते चले इस वर्ष फोरम में जनवरी 2016 से अब तक 125 मामले दर्ज कराए गए हैं। इसके सापेक्ष सुनवाई के दौरान मात्र 73 मामले निस्तारित किए जा सकें हैं। वर्ष 2015 तक फोरम में 338 मामले थे।
विज्ञापन
उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में उपभोक्ता फोरम स्थापित किया गया है। इसमें एक अध्यक्ष के साथ दो सदस्यों की तैनाती की गई है। इसके अलावा तीन कर्मचरियों का पद स्वीकृत है। लेकिन कर्मचारियों में एक ही लिपिक है। जबकि अध्यक्ष के पास मऊ के अलावा आजमगढ़ जिले का भी प्रभार है।
विज्ञापन
इसीक्रम में दो में से एक सदस्य रामचंद्र यादव को कौशांबी जिला से संबद्ध कर दिया गया है। ऐसे में यहां पर एक मात्र महिला सदस्य लालमुनि यादव ही है। अधिकारियों कर्मचारियों की कमी का परिणाम है कि महिने में मात्र 15 दिन ही सुनवाई होती है, इसमें भी सार्वजनिक अवकाश और रविवार को फोरम बंद रहता है।
विज्ञापन
सुनवाई न होने के कारण फोरम में बरवक्त 463 मामले लंबित है। बताते चले इस वर्ष फोरम में जनवरी 2016 से अब तक 125 मामले दर्ज कराए गए हैं। इसके सापेक्ष सुनवाई के दौरान मात्र 73 मामले निस्तारित किए जा सकें हैं। वर्ष 2015 तक फोरम में 338 मामले थे।