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फायर सेफ्टी की जांच में खरे नहीं उतरे संस्थान
Wed, 29 May 2019 12:16 AM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 29 May 2019 12:16 AM IST
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नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित एक अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच करते अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और अग्निशमन अधिकारी।
- फोटो : mau
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सूरत में कोचिंग संस्थान में अगलगी की घटना के बाद चेते प्रशासन की कार्रवाई नगर में मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सीएफओ के नेतृत्व में टीम ने गाजीपुर तिराहा से भीटी चौराहा के बीच बने निजी अस्पताल, कोचिंग संस्थान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और मैरिज हॉल में फायर सेफ्टी की जांच की। किसी सभी संस्थान पर फायर सेफ्टी के पूरे मानक नहीं मिला। जिस पर सीएफओ ने प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेज दिया।
सीएफओ सुभाष कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम गाजीपुर तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंची और वहां लगे फायर सेफ्टी की जांच की। जहां उन्हें फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं मिली। कुछ ही दूरी पर स्थित कोचिंग संस्थान और व्यवासियक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर चेकिंग की। इस दौरान यहां भी फायर सेफ्टी का उपकरण की व्यवस्था मानक के अनुसार नहीं मिली। सीएफओ सुभाष कुमार ने बताया कि टीम ने गाजीपुर तिराहा से लेकर भीटी चौराहा के बीच बने चार निजी अस्पताल, तीन व्यवासियक प्रतिष्ठान, चार मैरिज हॉल और तीन कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर अग्निशमन यंत्र की जांच की। जहां टीम को आगलगी की घटना से बचाव के लिए कोई फायर सेफ्टी नहीं मिली।
जिस पर सीएफओ ने इन सभी के विरुद्ध प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेज दिया। दूसरे दिन भी जिला प्रशासन की औचक चेकिंग अभियान से व्यावसायिक प्रतिष्ठान के अलावा कोचिंग और निजी अस्पताल, मैरिज हॉल संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
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सीएफओ सुभाष कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम गाजीपुर तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंची और वहां लगे फायर सेफ्टी की जांच की। जहां उन्हें फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं मिली। कुछ ही दूरी पर स्थित कोचिंग संस्थान और व्यवासियक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर चेकिंग की। इस दौरान यहां भी फायर सेफ्टी का उपकरण की व्यवस्था मानक के अनुसार नहीं मिली। सीएफओ सुभाष कुमार ने बताया कि टीम ने गाजीपुर तिराहा से लेकर भीटी चौराहा के बीच बने चार निजी अस्पताल, तीन व्यवासियक प्रतिष्ठान, चार मैरिज हॉल और तीन कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर अग्निशमन यंत्र की जांच की। जहां टीम को आगलगी की घटना से बचाव के लिए कोई फायर सेफ्टी नहीं मिली।
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जिस पर सीएफओ ने इन सभी के विरुद्ध प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेज दिया। दूसरे दिन भी जिला प्रशासन की औचक चेकिंग अभियान से व्यावसायिक प्रतिष्ठान के अलावा कोचिंग और निजी अस्पताल, मैरिज हॉल संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
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