फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Imam Hussain martyred for saving humanity

इंसानियत को बचाने के लिए शहीद हुए इमाम हुसैन

Mon, 01 Aug 2022 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Imam Hussain martyred for saving humanity
घोसी नगर के बड़ागांव में मोहर्रम पर अलम के जुलूस में नौहाख्वानी करते मौलाना शफ़क़त तकी।संवाद - फोटो : MAU
घोसी। दूसरी मुहर्रम पर कस्बे में मजलिसों और जुलूसों का दौर रहा। जहां अलम के जुलूस में शामिल होकर लोगों ने उसकी जियारत की तो वहीं आजाखानों में मजलिस के दौरान जाकिर ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों का बयान किया। दर्दभरे नौहे से अजादार रोते हुए सीनाजनी करते रहे। वहीं, घरों के अजाखानों में भी महिलाओं ने फर्शे अजा बिछाई और गमे हुसैन में शामिल हुईं। सोमवार को सुबह जाफरी अजाखाने में मजलिस को खिताब करते हुए मौलवी रेहान अब्बास ने कहा कि इमाम हुसैन ने शहादत देकर इंसानियत को बचाया। इसके लिए उन्होंने अपनी ही नहीं बल्कि अपने खानदान और 72 साथियों की शहादत दे डाली। उन्होंने किसी भी हाल में यजीद की बैअत करने से इंकार कर दिया। कर्बला का यह बयान सुनकर आजादार रो पड़े और या हुसैन की आवाज बुलंद करते हुए सीनाजनी की। मजलिस के बाद नौहा व मातम किया गया। दस्ता-ए-मासूमिया के नौहाख़्वान शफ़क़त तक़ी, मोहम्मद अली, काजिम हुसैन के दर्द भरे नौहों ने अजादारों को रुला दिया। इस दौरान मौलना नसीममुल हसन, उल्फत हुसैन, काजिम हुसैन, मोहसिन रजा, आदिल हुसैन, अली मोहम्मद, मोहम्मद अब्बास, तनवीर कौसर, अली रजा, नासिर रिजवान, फैजी, बाबू असगर आदि अजादारों की मौजूदगी रही। शाम को सदर इमाम बारगाह पर भी मजलिस हुई। उधर, रात में अजाखाना जैनबिया से अलम का जुलूस निकला गया। जो छोटा फाटक, नीमतले, बड़े फाटक होते हुए सदर इमामबारगाह पर देर रात दफन किया गया। तीसरी मोहर्रम का जुलूस मंगलवार को अजाखाने जैनबिया से निकल कर बाजार स्थित इमाम चौक पर दफन होगा। मधुबन : तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा दरगाह में हुई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना महबूब आलम ने बताया कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाने के लिए दी गई शहादत दुनिया के लिए एक मिसाल है। उन्हें अपना सिर कटाना मंजूर था, लेकिन सिर झुकना नहीं। शाम को गांव स्थित इमामबाड़े से अलम का जुलूस निकाला गया तो कदीमी रास्तों से होता हुआ इमामबाड़े पर पहुंच कर ठंडा हुआ। इस दौरान अंजुमनों ने नौहा मातम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed