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Mau News: 80 से अधिक हुई रोडवेज बस की रफ्तार तो मिलेगा अलर्ट मैसेज, चालक पर होगी कार्रवाई
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नगर स्थित रोडवेज परिसर मे ंखड़ी बसें।संवाद
सड़क हादसे न हों, इसके लिए रोडवेज बसों की ओवरस्पीड पर अब सख्ती बढ़ाई गई है। अब तक पुलिस, एआरटीओ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के कैमरों से चालान कटने के बाद नोटिस मिलने पर पता चलता था कि चालक ने ओवरस्पीड में बस चलाई थी, लेकिन अब बसों की गति का रिकॉर्ड व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
यदि कोई चालक बस को 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से चलाएगा, तो इसका मैसेज कंट्रोल रूम में पहुंचेगा। इससे संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
मऊ डिपो के बेड़े में 73 बसें हैं, इनमें 11 अनुबंधित हैं। सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं। इस संबंध में डिपो के सभी चालकों को चेतावनी पत्र जारी कर दिए गए हैं। सभी को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
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इस नई व्यवस्था से गति सीमा का पालन होगा और हादसों में कमी आएगी। साथ ही हादसों के कारण यात्रियों के जान-माल के नुकसान से बचा जा सकेगा।
डिपो के एआरएम गौतम कुमार गुप्ता ने बताया कि ओवरस्पीड की निगरानी के लिए वीएलटीडी प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। अब प्रतिदिन सभी बसों की स्पीड रिपोर्ट वीएलटीडी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
इसके साथ ही संबंधित आंकड़ों को उच्चाधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी साझा करना अनिवार्य किया गया है। संचालन के दौरान कौन चालक ओवरस्पीड में बस चला रहा है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसका पूरा विवरण वीएलटीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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यदि कोई चालक बस को 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से चलाएगा, तो इसका मैसेज कंट्रोल रूम में पहुंचेगा। इससे संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
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मऊ डिपो के बेड़े में 73 बसें हैं, इनमें 11 अनुबंधित हैं। सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं। इस संबंध में डिपो के सभी चालकों को चेतावनी पत्र जारी कर दिए गए हैं। सभी को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
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इस नई व्यवस्था से गति सीमा का पालन होगा और हादसों में कमी आएगी। साथ ही हादसों के कारण यात्रियों के जान-माल के नुकसान से बचा जा सकेगा।
डिपो के एआरएम गौतम कुमार गुप्ता ने बताया कि ओवरस्पीड की निगरानी के लिए वीएलटीडी प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। अब प्रतिदिन सभी बसों की स्पीड रिपोर्ट वीएलटीडी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
इसके साथ ही संबंधित आंकड़ों को उच्चाधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी साझा करना अनिवार्य किया गया है। संचालन के दौरान कौन चालक ओवरस्पीड में बस चला रहा है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसका पूरा विवरण वीएलटीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।