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मैं अभी जिंदा हूं साहब, मेरी जमीन मेरे नाम कराइये
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घोसी के बड़ागाँव निवासी एक व्यक्ति को मृतक दिखाकर उसकी दो बीघा जमीन फर्जी वरासत को आधार बनाकर राजस्व कर्मचारियों ने दूसरे के नाम कर दी। पीड़ित बुजुर्ग कई सालों से लखनऊ में रहते हैं। गांव आने पर उन्हें मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि साहब मैं अभी जिंदा हूं, और न ही मैैंने किसी के नाम वसीयत की है। मेरी जमीन मेरे नाम कराइये।
नगर के बड़ागांव बाजार निवासी गणेश मिश्रा (66) लगभग 22वर्ष पूर्व रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर चले गए। इस बीच कई स्थानों पर नौकरी करने के बाद लखनऊ के अर्जुन गंज में रहने लगे। इस बीच इनका बड़ागांव आना-जाना काफी कम हो गया। उनके छोटे भाई अभिनंदन मिश्रा का परिवार पैतृक घर पर रह रहा है। इधर पांच दिन पूर्व जब गणेश पैतृक गांव स्थित अपने घर आए तो भाई अभिनंदन ने बताया कि उन्हें मृत दर्शाकर उनकी जामडीह स्थित दो बीघा जमीन सहखातेदार के तौर पर फर्जी वरासत के आधार पर खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी गई है। यह जान कर गणेश मिश्रा अवाक रह गए। वे शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील पहुंच कर अपने को जिंदा बताते हुए, वरासत को फर्जी बताते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जमीन अपने नाम कराने की मांग की। गणेश मिश्रा ने बताया कि राजस्वकर्मियों ने उनकी जामडीह स्थित जमीन खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी जत्तन पुत्र जीवनंदन राजभर के नाम से कर दी थी। जत्तन का भी निधन हो चुका है। अब वरासत के आधार पर उसके नाम की जगह सुधीर सहित दो बेटों के नाम जमीन कर दी गई है।
मामला संज्ञान में आया है, गंभीर प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधि सम्मत प्रक्रिया अपनाकर भूमि स्वामी की जमीन उनके नाम कराई जाएगी।
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उमेश सिंह , तहसीलदार घोसी।
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नगर के बड़ागांव बाजार निवासी गणेश मिश्रा (66) लगभग 22वर्ष पूर्व रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर चले गए। इस बीच कई स्थानों पर नौकरी करने के बाद लखनऊ के अर्जुन गंज में रहने लगे। इस बीच इनका बड़ागांव आना-जाना काफी कम हो गया। उनके छोटे भाई अभिनंदन मिश्रा का परिवार पैतृक घर पर रह रहा है। इधर पांच दिन पूर्व जब गणेश पैतृक गांव स्थित अपने घर आए तो भाई अभिनंदन ने बताया कि उन्हें मृत दर्शाकर उनकी जामडीह स्थित दो बीघा जमीन सहखातेदार के तौर पर फर्जी वरासत के आधार पर खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी गई है। यह जान कर गणेश मिश्रा अवाक रह गए। वे शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील पहुंच कर अपने को जिंदा बताते हुए, वरासत को फर्जी बताते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जमीन अपने नाम कराने की मांग की। गणेश मिश्रा ने बताया कि राजस्वकर्मियों ने उनकी जामडीह स्थित जमीन खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी जत्तन पुत्र जीवनंदन राजभर के नाम से कर दी थी। जत्तन का भी निधन हो चुका है। अब वरासत के आधार पर उसके नाम की जगह सुधीर सहित दो बेटों के नाम जमीन कर दी गई है।
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मामला संज्ञान में आया है, गंभीर प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधि सम्मत प्रक्रिया अपनाकर भूमि स्वामी की जमीन उनके नाम कराई जाएगी।
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उमेश सिंह , तहसीलदार घोसी।