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बेघरों को मिले घर, तहसीलदार को पत्रक सौंपकर की मांग
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रामजीत राजभर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार पत्रक सौंपते हुए तीन माह से ग्रामसभा लकुरा में बेघर हुए 6 परिवारों के लिए भूमि आवंटन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर इस प्रकरण में कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है, तो फिर पार्टी कार्यकर्त्ता तहसील प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे।
पत्रक में बताया गया कि मधुबन तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा लकुरा में अवैध निर्माण का हवाला देते हुए तहसील प्रशासन द्वारा गांव के सुरेश राजभर, वीरेंद्र राजभर, रमेश राजभर, हरिन्द्र राजभर, जोगी राजभर एंव सुरसती देवी सहित कुल 6 लोगों के पक्के मकान को जेसीबी द्वारा जमींदोज करा दिया गया था। वर्तमान में यह सभी पीड़ित परिवार गांव स्थित आंगनबाडी केंद्र में आश्रय लिए हुए हैं। आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर इन परिवारों के पास ना तो कोई भूमि है और न ही कोई अन्य मकान। इस मामले में सुभासपा के जिला अध्यक्ष रामजीत राजभर का कहना था कि बरसात में एक आंगनबाड़ी केंद्र में 6 परिवार कैसे अपना जीवन बीता रहा होगा, सहज ही समझा जा सकता है। इन पीड़ित परिवारों की दिक्कतों के संबंध में पहले भी तहसील प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सुभासपा अब चुप नहीं बैठने वाली। ज्ञापन के माध्यम से तहसील प्रशासन को अल्टीमेटम दिया जा चूका है। यदि एक सप्ताह के अंदर सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है तो फिर पार्टी तहसील प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगी। इसकी सारी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।
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पत्रक में बताया गया कि मधुबन तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा लकुरा में अवैध निर्माण का हवाला देते हुए तहसील प्रशासन द्वारा गांव के सुरेश राजभर, वीरेंद्र राजभर, रमेश राजभर, हरिन्द्र राजभर, जोगी राजभर एंव सुरसती देवी सहित कुल 6 लोगों के पक्के मकान को जेसीबी द्वारा जमींदोज करा दिया गया था। वर्तमान में यह सभी पीड़ित परिवार गांव स्थित आंगनबाडी केंद्र में आश्रय लिए हुए हैं। आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर इन परिवारों के पास ना तो कोई भूमि है और न ही कोई अन्य मकान। इस मामले में सुभासपा के जिला अध्यक्ष रामजीत राजभर का कहना था कि बरसात में एक आंगनबाड़ी केंद्र में 6 परिवार कैसे अपना जीवन बीता रहा होगा, सहज ही समझा जा सकता है। इन पीड़ित परिवारों की दिक्कतों के संबंध में पहले भी तहसील प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सुभासपा अब चुप नहीं बैठने वाली। ज्ञापन के माध्यम से तहसील प्रशासन को अल्टीमेटम दिया जा चूका है। यदि एक सप्ताह के अंदर सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है तो फिर पार्टी तहसील प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगी। इसकी सारी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।
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