जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब लोकतंत्र की बारीकियों और संसदीय कार्यप्रणाली से रूबरू होंगे। विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से जिले के सभी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है। जिले में 503 माध्यमिक विद्यालय हैं। भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से परिचित कराया जाएगा। प्रतियोगिता का आयोजन जिले के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में होगा। विद्यालयों को पहले राष्ट्रीय युवा संसद पोर्टल पर किशोर सभा के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद कक्षा छह से 12 तक के चयनित 50 से 55 विद्यार्थियों को अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद और विपक्ष की भूमिका सौंपी जाएगी। करीब एक घंटे की बैठक में विद्यार्थी सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। चर्चा के दौरान किसी राजनीतिक दल या नेता पर टिप्पणी करने की अनुमति नहीं होगी। कार्यक्रम के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थी संसदीय प्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने और अनिवार्य रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।