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लापरवाही पर नपेंगे परिषदीय विद्यालयों के हेडमास्टर
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मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता तथा शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के मामले में प्रधानाध्यापकों की लापरवाही भारी पड़ सकती है। शासन की तरफ से 21 बिंदुओं का फार्मेट जारी किया गया है। विभागीय अधिकारियों के औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का पत्र जारी किया है।
जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय लगभग 1.39 लाख बच्चों का नामांकन किया गया है। समस्त विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता तथा शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से तमाम कवायद की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर 100 विद्यालयों को जिलास्तरीय अधिकारियों ने गोंद लिया है। अब शासन की तरफ से 21 बिंदुओं पर फार्मेट जारी किया गया है। शासन की तरफ से जारी प्रमुख बिंदुओं पर नजर डाला जाए तो प्रतिदिन बच्चों से अंग्रेजी में हस्ताक्षर करवाया जाना अनिवार्य किया गया है। साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर हों। विद्यालय परिसर में जर्जर भवन नहीं रहना चाहिए। पेयजल की समुचित व्यवस्था हो। एमडीएम में जितना बच्चे भोजन करें उतना ही संख्या अंकित होना चाहिए। विद्यालयों में कार्यरत स्टाफ का नाम दीवारों पर अंकित किया जाए। शिक्षण कार्य के दौरान शिक्षक तथा प्रधानाध्यापक बीएसए कार्यालय तथा बीआरसी पर नहीं दिखना चाहिए। एमडीएम में गुणवत्ता बनाने के लिए मां समूह का गठन कर अधिकृत किया जाए। प्रत्येक विद्यालय में पुरातन छात्र परिषद का गठन किया जाए। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि शासन की तरफ से जारी 21 बिंदुओं का फार्मेट समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों तथा प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध करा दिया गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय लगभग 1.39 लाख बच्चों का नामांकन किया गया है। समस्त विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता तथा शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से तमाम कवायद की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर 100 विद्यालयों को जिलास्तरीय अधिकारियों ने गोंद लिया है। अब शासन की तरफ से 21 बिंदुओं पर फार्मेट जारी किया गया है। शासन की तरफ से जारी प्रमुख बिंदुओं पर नजर डाला जाए तो प्रतिदिन बच्चों से अंग्रेजी में हस्ताक्षर करवाया जाना अनिवार्य किया गया है। साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर हों। विद्यालय परिसर में जर्जर भवन नहीं रहना चाहिए। पेयजल की समुचित व्यवस्था हो। एमडीएम में जितना बच्चे भोजन करें उतना ही संख्या अंकित होना चाहिए। विद्यालयों में कार्यरत स्टाफ का नाम दीवारों पर अंकित किया जाए। शिक्षण कार्य के दौरान शिक्षक तथा प्रधानाध्यापक बीएसए कार्यालय तथा बीआरसी पर नहीं दिखना चाहिए। एमडीएम में गुणवत्ता बनाने के लिए मां समूह का गठन कर अधिकृत किया जाए। प्रत्येक विद्यालय में पुरातन छात्र परिषद का गठन किया जाए। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि शासन की तरफ से जारी 21 बिंदुओं का फार्मेट समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों तथा प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध करा दिया गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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