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मऊः सरकारी स्कूल की बाउंडी और गेट ढहने से छात्र की मौत, परिजनों ने शव सड़क पर रख कर लगाया जाम
Mon, 13 Jul 2020 07:26 PM IST
विचित्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 13 Jul 2020 07:26 PM IST
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सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
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मऊ के घोसी कोतवाली क्षेत्र के बेलभद्रपुर गांव के प्राइमरी स्कूल की चहारदीवारी और गेट सोमवार को सुबह लगभग साढे दस बजे ढह गया। इसक मलबे में दबकर आठ साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मृत बालक दूसरी कक्षा का छात्र था।
गांव वालों ने शव घोसी-मधुबन मार्ग पर चौथी मिल के पास रखकर जाम लगा दिया है। जाम लगाने वालों की मांग थी कि मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। तीन महीने पहले ही निर्मित कराई गई बाउंड्री इतनी जल्दी कैसे गिर गई इसकी जांच कराई जाए और बच्चों को स्कूल बुलाकर खुद देर से पहुंचने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बेलभद्रपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पुस्तके देने के लिए हेडमास्टर की ओर से स्कूल बुलाया गया था। गांव वालों के अनुसार बच्चे पहले ही पहुंच गए और शिक्षक पहुंचे ही नहीं थे। सुबह लगभग साढ़े दस बजे स्कूल की चहारदीवारी और गेट अचानक ढह गया। इसके मलवे में गांव के भीमसिंह पटेल का आठ साल का बेटा राजवीर सिंह पटेल दब गया।
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गांव वालों ने शव घोसी-मधुबन मार्ग पर चौथी मिल के पास रखकर जाम लगा दिया है। जाम लगाने वालों की मांग थी कि मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। तीन महीने पहले ही निर्मित कराई गई बाउंड्री इतनी जल्दी कैसे गिर गई इसकी जांच कराई जाए और बच्चों को स्कूल बुलाकर खुद देर से पहुंचने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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बेलभद्रपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पुस्तके देने के लिए हेडमास्टर की ओर से स्कूल बुलाया गया था। गांव वालों के अनुसार बच्चे पहले ही पहुंच गए और शिक्षक पहुंचे ही नहीं थे। सुबह लगभग साढ़े दस बजे स्कूल की चहारदीवारी और गेट अचानक ढह गया। इसके मलवे में गांव के भीमसिंह पटेल का आठ साल का बेटा राजवीर सिंह पटेल दब गया।
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बच्चों के शोर मचाने पर दौड़कर घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल बच्चे को मलवे से निकाला और उसे आनन-फानन में जनपद मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। परिजन मृत बालक के शव को लेकर वापस गांव चले गए। नाराज ग्रामीणों ने शाम चार बजे मृत बच्चे का शव सड़क पर रख कर जाम लगा दिया।
एसडीएम आशुतोष राय, तहसीलदार सुभाष चंद यादव और प्रभारी निरीक्षक समरबहादुर सिंह जाम स्थल पर पहुंच गए। अधिकारी गांव वालों को समझा बुझाकर जाम समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण उनकी बातों को सुनने को तैयार नहीं थे। ग्रामीण पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने, शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई और चहारदीवारी की जांच का लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग पर अड़े थे।
एसडीएम आशुतोष राय, तहसीलदार सुभाष चंद यादव और प्रभारी निरीक्षक समरबहादुर सिंह जाम स्थल पर पहुंच गए। अधिकारी गांव वालों को समझा बुझाकर जाम समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण उनकी बातों को सुनने को तैयार नहीं थे। ग्रामीण पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने, शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई और चहारदीवारी की जांच का लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग पर अड़े थे।