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सरकारी विभागों पर सख्ती नहीं

Fri, 25 Nov 2016 11:15 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ Updated Fri, 25 Nov 2016 11:15 PM IST
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बिजली विभाग निजी बकाएदार उपभोक्ताओं के खिलाफ तो काफी सख्त है। चार से लेकर बीस हजार रुपयों के निजी बकाएदार छोटे उपभोक्ताओं के विरुद्घ तो विभाग आरसी से लेकर एफआईआर दर्ज कराने तक कठोर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन जिले के केवल दो डिवीजनों के सरकारी विभागों के ऊपर अक्टूबर 2016 तक 36 करोड़ चार लाख रुपये बकाया हैं, मगर इन विभागों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सबसे अधिक बकाएदार बीएसए और मंडी परिषद हैं। 
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जिले के प्रथम खंड के अंतर्गत अक्टूबर माह तक मार्ग एवं सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश के मद में तीन करोड़ लाख रुपये बकाया है, जबकि जलकल सीर्वेज के ऊपर तीन करोड़ 31 लाख 73 हजार ,राजकीय नलकूपों पर छह करोड़ 43 लाख 61 हजार और विश्वबैंक द्वारा संचालित नलकूपों पर बिजली बिल के दो करोड़ 87 लाख 61 हजार रुपये सहित कुल 15 करोड़ 74 लाख 66 हजार रुपये सरकारी विभागों के ऊपर बकाया हैं। इसी प्रकार द्वितीय खंड में मार्ग एवं सार्वजनिक प्रकाश के मद में 47.11 लाख , जलकल सीवेज के ऊपर 445.72 लाख राजकीय नलकूप विभागों के ऊपर 858.26 लाख पंप कैनाल के 265.44 लाख विश्वबैंक नलकूप के ऊपर 413.48 सहित कुल 20 करोड़ 30 लाख रुपये बकाया हैं। 
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लघु ,मध्यम और वाणिज्यिक संस्थानों के ऊपर सर्वाधिक 55 करोड़ 41 लाख रुपये बकाया हैं। इसके अलावा भारी  उद्योगों के ऊपर 269.50 लाख रुपये बकाया है। जबकि घरेलू बत्ती पंखा वाले उपभोक्ताओं के ऊपर 4525 लाख रुपये बकाया हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों के ऊपर भी 36 हजार रुपये बकाया हैं। जबकि सेकेंड डिवीजन में नीजी उपभोक्ताओं के ऊपर 47 करोड़ 69 लाख 94 हजार रुपये बकाया हैं। इनमें ऐसे भी बकाएदार हैं जिनके ऊपर चार हजार से लेकर दस हजार रुपये तक बिजली बिल का बकाया है। ये आंकड़े तो केवल दो डिवीजनों के हैं। इसके अलावा घोसी डिवीजन के विवरण उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यहां पर भी दोहरीघाट पंपकैनाल और    चीनी मिल घोसी भी बड़े बकाएदारों में से हैं। 
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सरकारी महकमों के बड़े बकाएदारों के विरुद्घ विभाग तो कोई कार्रवाई नहीं कर पाता लेकिन एक साल के उन छोटे बकाएदारों के विरुद्घ बिजली विभाग ने आर सी लेकर एफआइआर तक दर्ज करा रखा है। जिले में कुल 239 बकाएदारों के विरुद्घ विभाग एफआईआर दर्ज करा चुका है जबकि 136 बकाएदारों के विरुद्घ आरसी जारी की गई है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता एमके अग्रवाल का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार बकाएदारों के विरुद्ध् कार्रवाई की जा रही है।
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