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सरकार रद्द करे दोषपूर्ण समायोजन नीति
mau news
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:20 AM IST
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समायोजन की मांग को लेकर धरना करते शिक्षक।
मऊ। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा प्रदेश सरकार को 19 सूत्री ज्ञापन दिया गया था लेकिन मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। प्रदेश में समायोजन प्रक्रिया जारी है जे दोषपूर्ण है। समायोजन के पूर्व पदोन्नतियां होनी चाहिए। समायोजन 30 सितंबर 2016 के छात्रसंख्या पर करना चाहिए। जबकि 30 अप्रैल 2017 के आधार पर किया जा रहा है जो गलत है। प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में कम से कम एक भाषा, विज्ञान,गणित, सामाजिक विज्ञान का शिक्षक होना चाहिए तभी गुणवत्तपरक शिक्षा देना संभव है। यदि सरकार दोषपूर्ण समायोजन नीति रद्द नहीं करती है और समस्याओं का निस्तारण नहीं करती है तो हम सभी शिक्षक 31 जुलाई को विधानसभा का घेराव करने को बाध्य होंगे। सच्चिदानंद यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार समायोजन के पूर्व अंतरजनपदीय स्थानांतरण करे। बाबू राम ने कहा कि शिक्षकों को 17140 व 18150 रुपया के वेतनमान के आधार पर सातवें वेतन का निर्धारण किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। राकेश यादव ने कहा कि सत्र अप्रैल के बजाय जुलाई से प्रारंभ किया जाए।क्योंकि मार्च में सत्र समाप्ति के बाद अप्रैल से जुलाई तक व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। धरने में आभा त्रिपाठी, रिजवान अहमद, शकील अहमद, चिंता, मकरध्वज, विद्यासागर आदि शामिल रहे। संचालन एखलाक अहमद ने किया।
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धरने को संबोधित करते हुए डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा प्रदेश सरकार को 19 सूत्री ज्ञापन दिया गया था लेकिन मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। प्रदेश में समायोजन प्रक्रिया जारी है जे दोषपूर्ण है। समायोजन के पूर्व पदोन्नतियां होनी चाहिए। समायोजन 30 सितंबर 2016 के छात्रसंख्या पर करना चाहिए। जबकि 30 अप्रैल 2017 के आधार पर किया जा रहा है जो गलत है। प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में कम से कम एक भाषा, विज्ञान,गणित, सामाजिक विज्ञान का शिक्षक होना चाहिए तभी गुणवत्तपरक शिक्षा देना संभव है। यदि सरकार दोषपूर्ण समायोजन नीति रद्द नहीं करती है और समस्याओं का निस्तारण नहीं करती है तो हम सभी शिक्षक 31 जुलाई को विधानसभा का घेराव करने को बाध्य होंगे। सच्चिदानंद यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार समायोजन के पूर्व अंतरजनपदीय स्थानांतरण करे। बाबू राम ने कहा कि शिक्षकों को 17140 व 18150 रुपया के वेतनमान के आधार पर सातवें वेतन का निर्धारण किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। राकेश यादव ने कहा कि सत्र अप्रैल के बजाय जुलाई से प्रारंभ किया जाए।क्योंकि मार्च में सत्र समाप्ति के बाद अप्रैल से जुलाई तक व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। धरने में आभा त्रिपाठी, रिजवान अहमद, शकील अहमद, चिंता, मकरध्वज, विद्यासागर आदि शामिल रहे। संचालन एखलाक अहमद ने किया।
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