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रौद्र रूप धर घाघरा ने पार किया लाल निशान

Sat, 11 Jul 2020 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 11:33 PM IST
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Ghorra as Dhara crossed the red mark
मऊ के दोहरीघाट के मुक्तिधाम स्थित भारत माता के मंदिर से टकराता घाघरा नदी का जलस्तर। - फोटो : MAU
दोहरीघाट। घाघरा नदी का जलस्तर शनिवार की शाम तक खतरे के निशान को पार कर गया। लाल निशान पार करने के बाद नदी ने रौद्र रूप धारण किया। नदी के उफनते रूप को देखकर तटवर्ती इलाकों के लोगों में हड़कंप मच गया है। विगत कई दिनों से घाघरा नदी के जलस्तर में तेज गति से हो रही वृद्धि बीते दो दिनों से धीमी हो गई हैं, फिर भी नदी के खतरा बिंदु के पास पहुंचने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत व्यप्त है।
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शुक्रवार को नदी का जलस्तर 69.85 मीटर रहा जब कि शनिवार की शाम चार बजे तक जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 को पार कर पांच सेमी ऊपर चला गया। बीते चौबीस घंटे में नदी के जलस्तर के दस सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के बढ़ते जलस्तर से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर के पास बने बोल्डर पर नदी की धारा तेज गति से टक्कर मार रही है।
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विगत वर्ष भी मुक्तिधाम के शवदाह स्थल के पास हुए भीषण कटान के कारण कटान की जद में आकर नदी की धारा में विलीन हो चुका है, इस बार भी स्थिति उत्पन्न हो गई है । हालांकि विगत दो दिनों से नदी के जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार अपेक्षाकृत कुछ धीमी हो जाने के बाद भी संकट बरकरार है। वहीं तटवर्ती इलाकों के किसान इलाके में पानी घुसने की आशंका से भयभीत हैं क्योंकि बाढ़ का पानी सीवान और खेतों में घुसने से किसानों के धान की फसल बर्बाद हो सकती है।
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नगरवासियों में नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर,रामजानकी मंदिर, डीह बाबा मंदिर, लोकनिर्माण का डाकबंगला, हनुमान मंदिर,शाही मस्जिद आदि के अस्तित्व पर संकट पर बादल मंडरा रहे हैं। नगरवासियों की आशंकाएं निराधार नहीं है, क्योंकि सुविख्यात ऐतिहासिक धरोहरों को पूर्व में घाघरा की कटान और प्रलयंकारी लहरों की जड़ में आकर नदी की धाराओं में विलीन हो चुके हैं। कभी भी घाघरा रौद्र रूप धारण कर विनाशलीला शुरु कर सकती है।
घाघरा के तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर नई बाजार, बहादुरपुर, सरया गोधनी, बीबीपुर ,जमीरा, चौराडीह, रसूलपुर,सूरजपुर आदि दर्जनों गांवों के मैदानों में बाढ़ का पानी घुसने को आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं,उन्हें पशुओं के चारे की समस्या सता रही है।
दुबारी : घाघरा नदी का जलस्तर परसिया जयराम गिरि हाहा नाला पर दोपहर तक 65 .45 पर पहुंच गया। यहाँ खतरे का निशान 66 .31 मीटर है। यहां नदी अब खतरा बिंदु से महज 76 सेमी नीचे है। नदी का पानी बढ़ने से दर्जनों संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। फसलें डूब रही हैं और देवारा में बसे पुरवों तक नदी का पानी पहुंच गया है।

नदी का पानी चारों तरफ फैल गया है। प्रशासन के तरफ से कोई नावों की व्यवस्था नहीं की गई है। बाढ़ से बिंटोलिया, नयी बस्ती ,जरलहवा, खैरा, हरिलाल का पुरा, बरोहा, कुंवरपुरवा, चक्की मुसाडोही, परसिया भटोली, भगत पुरा आदि गांवों के ग्रामीण पशुओं के चारा सहित रोजमर्रा की वस्तुएं अपनी जान जोखिम में डाल कर जुटा रहे हैं। संपर्क मार्गों के डूब जाने से परसिया, सिहुलिया, चौहानपुर, बरोहा, भगत का पुरा, हरिलाल का पुरा, खैरा बिंटोलिया नयी बस्ती आदि अलग थलग पड़ गए हैं।
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