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घाघरा में बढ़ाव जारी
mau news
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:41 PM IST
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मुक्तिधाम पर उफनाई घाघरा नदी।
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दोहरीघाट / दुबारी। घाघरा का जलस्तर तीसरे दिन भी बढ़ने का क्रम जारी रहने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की धडकनें बढती जा रही है। नदी की लहरें मुक्तिधाम तथा शवदाह घाट की दीवारों पर पानी का दबाव बरकरार रहने से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा क्षेत्र में कटान जारी रहने से तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में जी रहे हैं। इसके बावजूद सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय नहीं किया जा सका है।
नदी खतरा निशान की तरफ जैसे जैसे बढ़ रही है वैसे वैसे ही तटवर्ती इलाके लोगों की चिंता बढ़ती ही जारही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि हुई। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार को नदी का जलस्तर 69.67 मीटर रहा। बुधवार को 69.62 मीटर था। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। नदी खतरे के निशान से मात्र 23 सेमी नीचे बह रही है। कटानपीड़ितों की मानें तो नदी कभी भी खतरा बिंदु पार कर सकती है। जैसे ही नदी खतरा बिंदु पार करेगी।तटवर्ती इलाके के गांवो की फसले डूब जाएगी। नदी की प्रलयंकारी लहरें भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर टक्कर मार रही है जिससे इन स्थलो पर खतारा मडराने लगा हैं। नगर के ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर, हनुमादन मंदिर का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। उधरमधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी, गजियापुर, बरोहा, मूसाडोही सहित विभिन्न इलाकों में कटान तेज शुरू हो गई है। कटान होने से धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, चिउटीडाड़, बहादुरपुर, पतनई, सरया, गोधनी, ठाकुरगांव, बीबीपुर, गौरीडीह, पाउस आदि गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं।
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नदी खतरा निशान की तरफ जैसे जैसे बढ़ रही है वैसे वैसे ही तटवर्ती इलाके लोगों की चिंता बढ़ती ही जारही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि हुई। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार को नदी का जलस्तर 69.67 मीटर रहा। बुधवार को 69.62 मीटर था। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। नदी खतरे के निशान से मात्र 23 सेमी नीचे बह रही है। कटानपीड़ितों की मानें तो नदी कभी भी खतरा बिंदु पार कर सकती है। जैसे ही नदी खतरा बिंदु पार करेगी।तटवर्ती इलाके के गांवो की फसले डूब जाएगी। नदी की प्रलयंकारी लहरें भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर टक्कर मार रही है जिससे इन स्थलो पर खतारा मडराने लगा हैं। नगर के ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर, हनुमादन मंदिर का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। उधरमधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी, गजियापुर, बरोहा, मूसाडोही सहित विभिन्न इलाकों में कटान तेज शुरू हो गई है। कटान होने से धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, चिउटीडाड़, बहादुरपुर, पतनई, सरया, गोधनी, ठाकुरगांव, बीबीपुर, गौरीडीह, पाउस आदि गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं।
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