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फसल की बोआई से पहले कराए मिट्टी की जांच : डाॅ. विनय
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हलधरपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी द्वारा सोमवार को सरकार द्वारा घोषित वृहद नमूना एकत्रीकरण अभियान चलाया गया। कृषि उन्नति योजना अंतर्गत केंद्र द्वारा चयनित ग्राम मुस्तफाबाद, ब्लॉक रतनपुरा के 20 किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की प्रक्रिया को बताया गया।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी की जांच कराने के बाद ही अगली फसल में संतुति रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ प्रशांत सिंह ने किसानों को बताया कि मिट्टी का नमूना लेने के लिए खेत के चारों तरफ से 2 मीटर जमीन को छोड़कर कोनो से व एक खेत बीच से नमूना 15 सेंटी मीटर का गड्ढा बनाकर ऊपर से नीचे की तरफ मिट्टी को खुरच कर प्रत्येक गड्ढे से 500 ग्राम मिट्टी को एकत्र करते हैं।
इस तरह से 2.5 किलो मिट्टी को एकत्र करते हुए पुनः उसको आधा करते हैं। जब 500 ग्राम मिट्टी रह जाती है तो एक पॉलिथीन में खेत का नाम, गांव का नाम ब्लॉक का नाम लिखकर मिट्टी को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया जाता है। इस माैके पर केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉ अंगद प्रसाद, डॉ हिमांशु राय, डॉ जितेन्द्र कुशवाहा, डॉ सुमित गुप्ता, डॉ आकांक्षा सिंह, इंजीनियर आलोक, रितुंजय सिंह आदि किसान उपस्थित रहे।
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केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी की जांच कराने के बाद ही अगली फसल में संतुति रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ प्रशांत सिंह ने किसानों को बताया कि मिट्टी का नमूना लेने के लिए खेत के चारों तरफ से 2 मीटर जमीन को छोड़कर कोनो से व एक खेत बीच से नमूना 15 सेंटी मीटर का गड्ढा बनाकर ऊपर से नीचे की तरफ मिट्टी को खुरच कर प्रत्येक गड्ढे से 500 ग्राम मिट्टी को एकत्र करते हैं।
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इस तरह से 2.5 किलो मिट्टी को एकत्र करते हुए पुनः उसको आधा करते हैं। जब 500 ग्राम मिट्टी रह जाती है तो एक पॉलिथीन में खेत का नाम, गांव का नाम ब्लॉक का नाम लिखकर मिट्टी को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया जाता है। इस माैके पर केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉ अंगद प्रसाद, डॉ हिमांशु राय, डॉ जितेन्द्र कुशवाहा, डॉ सुमित गुप्ता, डॉ आकांक्षा सिंह, इंजीनियर आलोक, रितुंजय सिंह आदि किसान उपस्थित रहे।
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