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Mau News: गैंगवार में चली गोली, मंत्री के करीबी पर हमलावरों को संरक्षण देने का आरोप, 10 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

Tue, 12 May 2026 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:23 AM IST
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Gang war erupts, minister's aide accused of protecting attackers, FIR filed against 10
शहर कोतवाली क्षेत्र के सेल्फी प्वाइंट के पास नौ मई की रात गैंगवार में दो पक्षों के बीच गोली चली। गोली मिस होने से अतुल सिंह की जान बच गई। धारदार हथियारों से हुए हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।
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कोपागंज थाना क्षेत्र के महुआर निवासी विवेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रविवार की शाम तीन गैंगस्टर समेत 10 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। घायलों का आरोप है कि हमलावरों को एक कैबिनेट मंत्री के करीबी का संरक्षण प्राप्त है।
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प्राथमिकी के अनुसार, कोपागंज थाना क्षेत्र के महुआर गांव निवासी विवेक सिंह, अतुल सिंह, सचिन सिंह और दो अन्य लोग किसी निमंत्रण कार्यक्रम से घर लौट रहे थे। शहर कोतवाली क्षेत्र के सेल्फी पॉइंट के पास सभी खड़े थे।
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तभी कोपागंज थाना क्षेत्र के अदरी मोड़ निवासी प्रदीप यादव, महुआर गांव निवासी राहुल सिंह, मुहम्मदपुर गांव निवासी धर्मेंद्र राजभर, हलधरपुर थाना क्षेत्र के मरुखा मझौली गांव निवासी प्रदीप यादव, करन चौहान, मलेट्री यादव, चकरा गांव निवासी गुलशन सिंह और तीन अज्ञात लोग ब्लैक थार व स्कॉर्पियो से वहां पहुंचे।
आरोप है कि प्रदीप यादव ने अतुल सिंह के मुंह में पिस्टल लगाकर जान से मारने की नीयत से फायर किया, लेकिन गोली मिस होने से उनकी जान बच गई। इसके बाद सभी ने धारदार हथियार और पिस्टल की बट से जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में अतुल सिंह, विवेक सिंह और सचिन सिंह लहूलुहान हो गए। शोर सुनकर स्थानीय लोगों के पहुंचने पर सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। आरोप है कि प्रदीप यादव पर लूट, छिनैती, हत्या और हत्या के प्रयास के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
प्रदीप यादव कुख्यात अपराधी लालू यादव के साथ भी मुकदमों में अभियुक्त रह चुका है। वह पूर्व में गो-तस्करी और अवैध शराब के मामलों में भी वांछित रहा है। आरोप के मुताबिक लालू यादव की मृत्यु के बाद वह डी-9 गैंग का सरगना बन गया।
धर्मेंद्र राजभर, दिलीप यादव और करन चौहान पर भी हत्या, लूट, छिनैती और गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज होने का आरोप है। बताया गया कि ये सभी कई थानों में हिस्ट्रीशीटर हैं।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कोपागंज थाना क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर, जिसे कैबिनेट मंत्री का करीबी बताया गया है, इन सभी को संरक्षण देता है। आरोप यह भी है कि उसका नाम पूर्व विधायक और एक अन्य व्यक्ति के हत्याकांड से भी जुड़ा रहा है।



तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपों के आधार पर डी-9 गैंग के सदस्यों और हमलावरों की तलाश की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -अनिल सिंह, प्रभारी निरीक्षक, मऊ कोतवाली
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