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शहर से लेकर गांव तक बैंकों में भीड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:54 AM IST
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नगर क्षेत्र के सहादतपुरा स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा पर नोट बदलने के लिए कतार में बैठे लोग।
- फोटो : mau
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नोटबंदी के आठवें दिन भी शहर से लेकर गांव तक के बैंकों मंे लोग उमड़े रहे। सरकार के नए नियम अंगुली पर स्याही लगाने का फरमान भले ही किसी बैंक में लागू नहीं हुआ लेकिन इसका असर जरुर दिखा। बुधवार को ग्रामीण इलाकों के बैंको में स्थिति रोज की अपेक्षा कुछ सामान्य रही। बैंकों में जमा करने वालों से अधिक पैसा निकालने वालों की भीड़ देखी गई।
एक हजार और 500 रुपये के नोटों को बंद करने के एक सप्ताह बाद भी स्थिति में कुछ खास सुधार नहीं होता दिख रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या चेस्ट करेंसी का ना होना बताया जा रहा है। फुटकर पैसों के अभाव एवं अधिक कैश की मांग को बैंक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते घंटों लाइन में खड़ा होने के बाद भी लोगों को उनके पैसे नहीं मिल पाए। नगर के कई बैंकों मंे कैश खत्म होने से समय के पहले ही बैंक बंद कर दिए गए।
जिले में बुधवार को भी बड़ी संख्या में एटीएम बंद रहे। कुछ बैंकों के एटीएम खुले थे लेकिन उनमें नोट घंटे भर में ही खत्म हो गए। चेस्ट करेंसी 2000 एवं नए 500 रुपये के नोट रहते तो इस समस्या पर कुछ लगाम लगती। शासन प्रशासन के लाख प्रयास एवं घोषणा के बाद भी अभी चेस्ट करेंसी जिले को नहीं मिल पाई है। इसके चलते लोगों को और संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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मधुबन संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में बैंक के ब्रांच मैनेजरों की मानें तो शाम तक बैंको में बैंक द्वारा अधिक लोगों को भुगतान किया गया जबकि पैसा कम जमा हुआ। बुधवार को ग्राहकों की लंबी लाइन जल्द खत्म हो गई थी। कस्बा स्थित यूनियन बैंक में सुबह एक सिपाही पिटते-पिटते बच गया तो एक लड़की ऐसी भी पकड़ी गई जो बैंक में आये दिन देखी जा रही थी।
महिला पुलिस बुलाने का नाम सुनते ही वह भाग खड़ी हुई। आज अधिकांश बैंक चार से पांच बजे तक सारा भुगतान कर चुके थे। कस्बा स्थित स्टेट बैंक के मैनेजर विजय कुमार की मानें तो बुधवार को भीड़ उमड़ी थी। शाम चार बजे तक लगभग 50 लाख रूपये जमा कराए गए तो 20 लाख रूपये आवश्यकता अनुसार लोगों को दिए गए।
जमा करने वालों की संख्या कम होने के बावजूद 50 लाख रुपए जमा हुए और 20 लाख रुपये लोगों में वितरित किये गए। एक्सचेंज करने वालों की संख्या रोज के मुकाबले कम रही। यही हाल कस्बा स्थित यूनियन बैंक का रहा। बैंक मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि शादी विवाह वालों के साथ जरूरतमंद परिवार के सदस्यों को 24 हजार रुपये तक का भुगतान किया गया।
खीरीकोठा के रामानंद सुशील और संतोष ने बताया कि आज पुलिस द्वारा व्यवस्थित तरीके से लोगों को अंदर लाइन में लगाकर जमा निकासी पर्ची वितरित कर देने से ज्यादा सुविधा हुई। हालांकि बैंक के अंदर स्पेस कम होने के कारण भीड़ ज्यादा रही। बैंक में दो हजार से लेकर 24 हजार रूपये तक का भुगतान किया गया।
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एक हजार और 500 रुपये के नोटों को बंद करने के एक सप्ताह बाद भी स्थिति में कुछ खास सुधार नहीं होता दिख रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या चेस्ट करेंसी का ना होना बताया जा रहा है। फुटकर पैसों के अभाव एवं अधिक कैश की मांग को बैंक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते घंटों लाइन में खड़ा होने के बाद भी लोगों को उनके पैसे नहीं मिल पाए। नगर के कई बैंकों मंे कैश खत्म होने से समय के पहले ही बैंक बंद कर दिए गए।
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जिले में बुधवार को भी बड़ी संख्या में एटीएम बंद रहे। कुछ बैंकों के एटीएम खुले थे लेकिन उनमें नोट घंटे भर में ही खत्म हो गए। चेस्ट करेंसी 2000 एवं नए 500 रुपये के नोट रहते तो इस समस्या पर कुछ लगाम लगती। शासन प्रशासन के लाख प्रयास एवं घोषणा के बाद भी अभी चेस्ट करेंसी जिले को नहीं मिल पाई है। इसके चलते लोगों को और संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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मधुबन संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में बैंक के ब्रांच मैनेजरों की मानें तो शाम तक बैंको में बैंक द्वारा अधिक लोगों को भुगतान किया गया जबकि पैसा कम जमा हुआ। बुधवार को ग्राहकों की लंबी लाइन जल्द खत्म हो गई थी। कस्बा स्थित यूनियन बैंक में सुबह एक सिपाही पिटते-पिटते बच गया तो एक लड़की ऐसी भी पकड़ी गई जो बैंक में आये दिन देखी जा रही थी।
महिला पुलिस बुलाने का नाम सुनते ही वह भाग खड़ी हुई। आज अधिकांश बैंक चार से पांच बजे तक सारा भुगतान कर चुके थे। कस्बा स्थित स्टेट बैंक के मैनेजर विजय कुमार की मानें तो बुधवार को भीड़ उमड़ी थी। शाम चार बजे तक लगभग 50 लाख रूपये जमा कराए गए तो 20 लाख रूपये आवश्यकता अनुसार लोगों को दिए गए।
जमा करने वालों की संख्या कम होने के बावजूद 50 लाख रुपए जमा हुए और 20 लाख रुपये लोगों में वितरित किये गए। एक्सचेंज करने वालों की संख्या रोज के मुकाबले कम रही। यही हाल कस्बा स्थित यूनियन बैंक का रहा। बैंक मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि शादी विवाह वालों के साथ जरूरतमंद परिवार के सदस्यों को 24 हजार रुपये तक का भुगतान किया गया।
खीरीकोठा के रामानंद सुशील और संतोष ने बताया कि आज पुलिस द्वारा व्यवस्थित तरीके से लोगों को अंदर लाइन में लगाकर जमा निकासी पर्ची वितरित कर देने से ज्यादा सुविधा हुई। हालांकि बैंक के अंदर स्पेस कम होने के कारण भीड़ ज्यादा रही। बैंक में दो हजार से लेकर 24 हजार रूपये तक का भुगतान किया गया।