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Mau News: घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में चार को तीन-तीन साल की सजा
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मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्ति के साथ मारपीट करने और गंभीर चोटें पहुंचाने के मामले में चार आरोपियों को दोषी पाया। सभी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 9-9 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, दपेहडी गांव निवासी चंद्रपति की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गांव के नागेंद्र सिंह, पौवा उर्फ अखिलेश सिंह, उपेंद्र उर्फ टेनी और रविंद्र सिंह को नामजद किया गया था।
आरोप था कि 21 मार्च 2008 की सुबह आरोपियों ने पुरानी रंजिश में जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए चंद्रपति के लड़के की लाठियों से पिटाई कर धमकी दी थी।
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पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने 10 गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। विशेष न्यायाधीश ने नागेंद्र सिंह, पौवा उर्फ अखिलेश सिंह, उपेंद्र और रविंद्र सिंह को अनुसूचित जाति के व्यक्ति से घर में घुसकर मारने पीटने, धमकी देने का दोषी पाया। अर्थदंड की 60 प्रतिशत धनराशि वादी को देने का आदेश दिया।
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अभियोजन के अनुसार, दपेहडी गांव निवासी चंद्रपति की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गांव के नागेंद्र सिंह, पौवा उर्फ अखिलेश सिंह, उपेंद्र उर्फ टेनी और रविंद्र सिंह को नामजद किया गया था।
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आरोप था कि 21 मार्च 2008 की सुबह आरोपियों ने पुरानी रंजिश में जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए चंद्रपति के लड़के की लाठियों से पिटाई कर धमकी दी थी।
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पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने 10 गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। विशेष न्यायाधीश ने नागेंद्र सिंह, पौवा उर्फ अखिलेश सिंह, उपेंद्र और रविंद्र सिंह को अनुसूचित जाति के व्यक्ति से घर में घुसकर मारने पीटने, धमकी देने का दोषी पाया। अर्थदंड की 60 प्रतिशत धनराशि वादी को देने का आदेश दिया।