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मऊ: सगे भाइयों सहित चार को 10 वर्ष सश्रम कारावास, सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का लगा अर्थदंड
Wed, 25 Aug 2021 11:42 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 11:42 PM IST
सार
15 जून 2007 की सुबह सात बजे आरोपीगण ने लाठी-डंडे और गोली से मार कर उसके लड़के उदय नारायण की हत्या कर दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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विस्तार
मऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बुद्धि सागर मिश्रा ने बुधवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद सगे भाइयों सहित चार को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद चारों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार सिसवा देवारा बलुआ का पूरा गांव निवासी चंद्रभान चौहान की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें देवारा दुबारी बब्बर का पूरा निवासी सिंहासन यादव, राजकुमार, ध्रुव यादव और चंद्रमा यादव को आरोपी बनाया।
वादी का कथन है कि वह जीआरपी गोरखपुर में कार्यरत है। 15 जून 2007 की सुबह सात बजे आरोपीगण ने लाठी-डंडे और गोली से मार कर उसके लड़के उदय नारायण की हत्या कर दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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अभियोजन के अनुसार सिसवा देवारा बलुआ का पूरा गांव निवासी चंद्रभान चौहान की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें देवारा दुबारी बब्बर का पूरा निवासी सिंहासन यादव, राजकुमार, ध्रुव यादव और चंद्रमा यादव को आरोपी बनाया।
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वादी का कथन है कि वह जीआरपी गोरखपुर में कार्यरत है। 15 जून 2007 की सुबह सात बजे आरोपीगण ने लाठी-डंडे और गोली से मार कर उसके लड़के उदय नारायण की हत्या कर दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने पांच गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक गवाह डॉक्टर बृजेश कुमार यादव को पेशकर तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सिंहासन यादव, राजकुमार उर्फ कुमार, ध्रुव यादव और चंद्रमा यादव को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।