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Mau News: जिले में पहली बार आधी आबादी के हाथ में होगी ई रिक्शे की बागडोर
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मऊ/कोपागंज। नगर सहित जिले के मुख्य मार्गों पर जल्द ही महिलाएं पिंक ई-रिक्शा चलाती दिखेंगी। पहले चरण में जिले की 250 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
योजना के तहत लाभान्वित होने के लिए ब्लॉक मुख्यालयों पर कैंप के माध्यम से जागरूक करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 20 महिलाएं ई रिक्शा के लिए आवेदन कर चुकी हैं। जिला उपायुक्त उद्योग कार्यालय इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटा है। सरकार की तरफ से मिशन शक्ति के तहत शहरी और ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की तरफ से पांच ब्लॉकों में 750 महिलाओं को जागरूक करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है।
मिशन शक्ति के तहत उद्योग विभाग की ओर से स्वरोजगार उन्मुख ई-रिक्शा प्रशिक्षण योजना शुरू की है। इसके तहत 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की 250 महिलाओं को नि:शुल्क ड्राइविंग सिखाई जाएगी और लाइसेंस बनवाया जाएगा। इसके बाद महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण दिलाया जाएगा। लिए गए ऋण पर महिलाओं को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। महिलाओं को 25-25 के बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें गुलाबी रंग के ई-रिक्शे उपलब्ध कराए जाएंगे। यूपीकॉन को इस प्रोजेक्ट के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। यूपीकॉन के माध्यम से ही चयनित महिलाओं को महज 10 हजार रुपये की पूंजी में पिंक ई-रिक्शा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, 25 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य पिछड़ी, बेरोजगार व निराश्रित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
योजना के तहत जरूरतमंद पात्र महिला लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें जिला प्रोबेशन विभाग की भी मदद ली जा रही है। प्रशिक्षण में उन्हें चार दिन थ्योरी और शेष छह दिन रिक्शा संचालन का प्रैक्टिकल करवाया जाएगा। इसके साथ उन्हें निशुल्क अस्थायी व स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध करवाया जाएगा।
कोट
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण परिवहन विभाग के माध्यम से दिलाया जाएगा। प्रथम चरण में 250 महिलाओं को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। - सगीर अहमद, सहायक उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र, मऊ
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योजना के तहत लाभान्वित होने के लिए ब्लॉक मुख्यालयों पर कैंप के माध्यम से जागरूक करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 20 महिलाएं ई रिक्शा के लिए आवेदन कर चुकी हैं। जिला उपायुक्त उद्योग कार्यालय इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटा है। सरकार की तरफ से मिशन शक्ति के तहत शहरी और ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की तरफ से पांच ब्लॉकों में 750 महिलाओं को जागरूक करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है।
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मिशन शक्ति के तहत उद्योग विभाग की ओर से स्वरोजगार उन्मुख ई-रिक्शा प्रशिक्षण योजना शुरू की है। इसके तहत 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की 250 महिलाओं को नि:शुल्क ड्राइविंग सिखाई जाएगी और लाइसेंस बनवाया जाएगा। इसके बाद महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण दिलाया जाएगा। लिए गए ऋण पर महिलाओं को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। महिलाओं को 25-25 के बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें गुलाबी रंग के ई-रिक्शे उपलब्ध कराए जाएंगे। यूपीकॉन को इस प्रोजेक्ट के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। यूपीकॉन के माध्यम से ही चयनित महिलाओं को महज 10 हजार रुपये की पूंजी में पिंक ई-रिक्शा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, 25 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य पिछड़ी, बेरोजगार व निराश्रित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
योजना के तहत जरूरतमंद पात्र महिला लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें जिला प्रोबेशन विभाग की भी मदद ली जा रही है। प्रशिक्षण में उन्हें चार दिन थ्योरी और शेष छह दिन रिक्शा संचालन का प्रैक्टिकल करवाया जाएगा। इसके साथ उन्हें निशुल्क अस्थायी व स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध करवाया जाएगा।
कोट
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण परिवहन विभाग के माध्यम से दिलाया जाएगा। प्रथम चरण में 250 महिलाओं को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। - सगीर अहमद, सहायक उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र, मऊ