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कोहरे, ठंड के बाद बारिश से ठहरी जिंदगी
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:28 PM IST
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बाद रविवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश होने से जनजीवन
प्रभावित रहा।
बारिश के बंद ठंड ने अपना रूप दिखाया तो लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। सर्द हवा लोगों को ठिठुराती रही।
उधर, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं रही। उध्ार नगर क्षेत्र के डीसीएसके महाविद्यालय और राजीव गांधी महिला महाविद्यालय के छात्र
और छात्राओं ने रविवार को शहर के विभिन्न मलिन बस्तियों और गरीब बस्तियों में जाकर गरीबों को गर्म कपड़े बांटे। साथ ही उनकी समस्याओं को जाना। समस्या के निराकरण का भी आश्वासन दिया।
मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। अपराह्न बाद हल्की बूंदाबादी होने से ठंड बढ़ गई थी।
पूर्वाह्न लगभग 10 बजे के बाद नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक बारिश होती रही। सर्द हवा के चलते लोगों की दिनचर्या खासी प्रभावित रही। रविवार का दिन होने के कारण वैसे भी बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था।
ठंड और बारिश के चलते गहमागहमी काफी कम रही। ठंड के बाद भी जिले के विभिन्न इलाके के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए ही नहीं जा सके हैं। रिक्शे, टैंपो, जीप तथा बसों का इंतजार करने वाले लोग कांपते देखे गए।
उधर बारिश होने से किसानों को नुकसान की चिंता भी सताने लगी है। गेहूं की बुआई तथा सिंचाई का कार्य चल रहा है। बारिश तेज होने की स्थिति में गेहूं का जमाव नहीं होगा।
जबकि सिंचाई वाले खेत मेें पानी अधिक लगने के चलते फसल के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह का कहना था कि
जिन फसलों की सिंचाई नहीं हुई है उसके लिए बारिश काफी फायदेमंद होगी। बुआई वाले खेतों में जमाव पर असर पड़ेगा। उन्होंने फिलहाल बरसात से खेती के नुकसान न होने की संभावना जताई।
बारिश के बंद ठंड ने अपना रूप दिखाया तो लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। सर्द हवा लोगों को ठिठुराती रही।
उधर, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं रही। उध्ार नगर क्षेत्र के डीसीएसके महाविद्यालय और राजीव गांधी महिला महाविद्यालय के छात्र
और छात्राओं ने रविवार को शहर के विभिन्न मलिन बस्तियों और गरीब बस्तियों में जाकर गरीबों को गर्म कपड़े बांटे। साथ ही उनकी समस्याओं को जाना। समस्या के निराकरण का भी आश्वासन दिया।
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मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। अपराह्न बाद हल्की बूंदाबादी होने से ठंड बढ़ गई थी।
पूर्वाह्न लगभग 10 बजे के बाद नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक बारिश होती रही। सर्द हवा के चलते लोगों की दिनचर्या खासी प्रभावित रही। रविवार का दिन होने के कारण वैसे भी बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था।
ठंड और बारिश के चलते गहमागहमी काफी कम रही। ठंड के बाद भी जिले के विभिन्न इलाके के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए ही नहीं जा सके हैं। रिक्शे, टैंपो, जीप तथा बसों का इंतजार करने वाले लोग कांपते देखे गए।
उधर बारिश होने से किसानों को नुकसान की चिंता भी सताने लगी है। गेहूं की बुआई तथा सिंचाई का कार्य चल रहा है। बारिश तेज होने की स्थिति में गेहूं का जमाव नहीं होगा।
जबकि सिंचाई वाले खेत मेें पानी अधिक लगने के चलते फसल के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह का कहना था कि
जिन फसलों की सिंचाई नहीं हुई है उसके लिए बारिश काफी फायदेमंद होगी। बुआई वाले खेतों में जमाव पर असर पड़ेगा। उन्होंने फिलहाल बरसात से खेती के नुकसान न होने की संभावना जताई।