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अग्निशमन सेवा दिवस: मऊ में शहीद कर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि, सेवा सप्ताह की हुई शुरूआत; 20 तक रहेगा जारी
Sun, 14 Apr 2024 02:24 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 14 Apr 2024 02:24 PM IST
सार
मऊ में रविवार को अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआत की गई। अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया गया।
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शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्य अग्निशमन कार्यालय पर रविवार को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया गया। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद अफायरमैनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया। इसी के साथ अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरूआत हुई। इस दौरान दमकल वाहनों ने आग से बचाव के लिए जागरूकता रैली निकाला।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने रैली में शामिल दमकल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान दमकल वाहन गांव गांव जाकर लोगों को आग से बचाव के इंतजाम और आग लगने पर सुरक्षा के लिए जागरूक करेगा।
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सीएफओ के वर्मा ने बताया कि मुंबई बंदरगाह पर 14 अप्रैल 1944 को एसएस फोर्ट स्टीकिन नामक माल वाहक जहाज में आग लग गई थी। लगी आग पर काबू पाने के प्रयास में 66 फायरमैन शहीद हो गए थे। तभी से शहीदों की याद में हर साल 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है। आठ दिनों तक दमकल वाहन हर गांव और नगर पंचायतों में जाकर बैनर पोस्टर और हैंड बिल के माध्यम से लोगों को आग से बचाव के उपाय की जानकारी देंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुझाव देते हुए बताया कि खेत खलिहान तालाब या अन्य पानी के साधनों के आसपास स्थापित करें। खलिहान से लगभग 100 फीट की दूरी पर खाना पकाएं। पुआल व गोबर के उपलों के ढेर को सूख जाने के बाद निवास स्थान से कम से कम 100 फीट की दूरी पर रखें। चुल्हे व ईंधन की चिंगारियों व गरम राख को पूरी तरह ठंडा करके ही फेंके।
रसोई घर की छत टीनशेड से बनाएं यदि घास फूस से बनाते हैं तो उसके चारों तरफ मिट्टी का लेप जरूर लगाएं। गैस चुल्हे को हमेशा गैल सिलिंडर के ऊपर रख कर खाना पकाएं। लीकेज की दशा में रेगुलेटर की नाव बंद कर दें और ज्वलनशील सामानों से दूर रखें। रात में सोते समय गैस सिलिंडर बंद कर दें।