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Mau News: 18 वर्ष बाद तत्कालीन बीडीओ और लेखाकार के विरुद्ध एफआईआर

Tue, 12 Sep 2023 10:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Sep 2023 10:59 PM IST
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FIR against the then BDO and accountant after 18 years
कोपागंज ब्लाक में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आवंटित बजट में से जाति प्रमाणपत्रों की जांच कराए बिना ही आवास दे दिए गए। इस मामले में 18 वर्ष बाद कोपागंज ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और लेखाकार के विरुद्ध परियोजना निदेशक ग्रामीण अभियंत्रण की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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कोपागंज ब्लॉक में वर्ष 2004 से कई वर्षों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के उत्थान के लिए बजट आवंटित किया गया था। इस बजट के 22.5 प्रतिशत धनराशि से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बस्तियों में निर्माण कार्य कराया जाना था लेकिन ब्लॉक के विभिन्न गांवों के 123 व्यक्तियों को प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराए बिना ही आवास आवंटित कर बजट दे दिया गया।
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इस मामले में शिकायत आने पर जांच में 63 लोग ऐसे पाए गए, जिन लोगों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर आवास की धनराशि प्राप्त कर ली थी। मामला प्रकाश में आने पर फर्जीवाड़ा करने वाले ऐसे 63 लोगों के विरुद्ध 2010-11 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन जिन अधिकारियों पर जाति प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के बाद ही संबंधित रकम लाभार्थियों के खातों में भेजने का दायित्व था, उस समय उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी थी।
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इस मामले में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रामजन्म राम और लेखाकार उमेश चंद्र रॉय को भी दोषी माना गया। वर्तमान पीडी रामबाबू त्रिपाठी ने कोपागंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रामजन्म राम और लेखाकार उमेश के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस संबंध में परियोजना निदेशक रामबाबू त्रिपाठी का कहना है कि चूंकि इस प्रकरण में जाति प्रमाणपत्र का सत्यापन कराने के बाद ही संबंधित रकम खातों में भेजी जानी चाहिए थी लेकिन इन दोनों अधिकारियों ने अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं किया। इसलिए तत्कालीन बीडीओ और लेखाकार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जिन 63 लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर रकम प्राप्त कर ली थी उनके विरुद्ध पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। थानाध्यक्ष कोपागंज राजनारायण पांडेय का कहना था कि परियोजना निदेशक की तहरीर पर कोपागंज ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और लेखाकार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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